शिवानी मोरवाल, संवाददाता
दिल्ली। दिल्ली की पांच सीटों पर हो रहे उपचुनावों की प्रक्रिया का अंतिम चरण 28 फरवरी यानी रविवार को सामप्त हुआ। हालांकि पोंलिग बूथो पर मतदाताओं की रफ्तार थोड़ी धीमी रही। जिसके चलते इन उपचुनावों में वोंटिग 50% ही पड़ी। आपको बता दें कि 27 जनवरी को जब चुनाव आयोग ने उपचुनावों की तरीख की घोषणा की थी, तब से ही इन वार्डो में हलचल का माहौल बना हुआ था।
आपको बता दें कि इन उपचुनावों में पार्टी ने तो अपना पूरा दमखल दिखाया ही, इसके अलावा लोगों में भी जोश और उत्साह देखने को मिला। इन उपचुनावों के लिए आम आदमी पार्टी ने अपने प्रत्याशियों को तो मैदान में उतारे ही, उनके साथ-साथ प्रत्याशियों का हौसला बढ़ाने के लिए और भी कई दिग्गज नेता उतारे, चाहे वो दिल्ली के मुख्यमंत्री हो या शिक्षा मंत्री सभी नेताओं ने अपने प्रत्याशियों के लिए पदयात्रा कर लोगों से वोट की अपील की।
बता दें कि इसमें बीजेपी और कांग्रेस भी पीछे नहीं रही। बीजेपी ने भी राम के नाम पर वोट मांगा तो वहीं कांग्रेस ने अपने पिछले सारे काम गिनवाए। अब देखने वाली बात यह होगी कि इन उपचुनावों में जीत किसकी होगी?