18 सितंबर को DUSU चुनाव: सत्यवती कॉलेज के पास पूर्व छात्र का किडनैप, पिस्तौल की नोक पर पिटाई—क्या 'भाड़े के बाहुबल' से लड़ा जाएगा चुनाव?
-उत्तर-पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार स्थित सत्यवती कॉलेज के पास हुई हिंसक घटना -इस बार के चुनावों में मुद्दों से ज्यादा बाहुबल का बोलबाला,छात्र नहीं, बाहरी दबंग: भाड़े पर बुलाए जा रहे गुंडे

राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण -
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के चुनाव की तारीख तय हो चुकी है और आगामी 18 सितंबर को मतदान होना है। सीजेपी (CJP) आंदोलन के बाद छात्रों का मिज़ाज किस तरफ है, यह तो वोटिंग के दिन साफ होगा ही, लेकिन चुनाव से ठीक पहले हुई एक सनसनीखेज वारदात ने कैंपस राजनीति के खौफनाक पहलू को उजागर कर दिया है।
उत्तर-पश्चिम दिल्ली के अशोक विहार स्थित सत्यवती कॉलेज के पास हुई हिंसक घटना ने साफ कर दिया है कि इस बार के चुनावों में मुद्दों से ज्यादा बाहुबल का बोलबाला दिख रहा है।
छात्र नहीं, बाहरी दबंग: भाड़े पर बुलाए जा रहे गुंडे
इस पूरी वारदात में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मारपीट और किडनैपिंग का शिकार हुए पीड़ित और हमलावर—दोनों ही पक्षों का वर्तमान में कॉलेज से कोई सीधा पढ़ाई-लिखाई का नाता नहीं है।

पीड़ितों में शामिल उदित सत्यवती कॉलेज से पासआउट (पूर्व छात्र) है। वहीं, जिन आरोपियों (अंकित बैंसला, हंस बैंसला और हैप्पी ढेढा) पर किडनैपिंग और जानलेवा हमले का आरोप लगा है, वे भी कॉलेज के छात्र नहीं हैं। स्थानीय दावों और आरोपों की मानें तो 18 सितंबर के चुनाव में दहशत और दबदबा बनाने के लिए बाहरी असामाजिक तत्वों और 'भाड़े के बाहुबलियों' को हायर (Hire) किया जा रहा है। यानी कॉलेज की छात्र राजनीति में अब कैंपस के बाहर से बाहुबल को इंपोर्ट किया जा रहा है।
पिस्तौल की नोक पर अपहरण और गाड़ियों में बेदर्दी से पिटाई
घटना शुक्रवार देर शाम की है। वजीरपुर गांव के शिव शंकर चौक के पास स्कार्पियो और फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियों में सवार होकर आए करीब डेढ़ दर्जन हमलावरों ने सागर नाम के युवक को जबरन गाड़ी में अगवा कर लिया और नागिया पार्क की तरफ ले गए। इसके बाद सागर के फोन से ही सत्यवती कॉलेज के पासआउट छात्र उदित को कॉल कर बुलवाया गया।
पीड़ितों के अनुसार, हमलावरों ने पिस्तौल की नोक पर दोनों को गाड़ी के भीतर बंद करके बेरहमी से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। मारपीट के बाद आरोपी दोनों को एक निजी अस्पताल के पास फेंककर फरार हो गए।
अस्पताल में भीड़, पुलिस महकमे में हलचल :
वारदात के बाद परिजनों और नजदीकी लोगों ने घायलों को दीप चंद बंधु अस्पताल पहुंचाया। वहां काफी भीड़ जमा हो गई। घायल युवकों में से एक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया। घायल उदित के पिता दिल्ली पुलिस में हवलदार हैं और वर्तमान में रोहिणी कोर्ट में तैनात हैं।
पुलिस से संपर्क साधने की कोशिश नाकाम :
मामले का सच जानने और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया लेने के लिए दिल्ली दर्पण टीवी की टीम ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। पुलिस की तरफ से आधिकारिक बयान आते ही खबर को अपडेट किया जाएगा।
18 सितंबर के चुनाव पर उठे गंभीर सवाल :
सत्यवती कॉलेज के बाहर आए दिन होने वाली झड़पों और इस किडनैपिंग कांड ने साफ कर दिया है कि 18 सितंबर को होने वाले DUSU चुनाव केवल वैचारिक नहीं रह गए हैं। यदि चुनाव से दो हफ्ते पहले ही पिस्तौल और लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ बाहरी तत्व हिंसा फैला रहे हैं, तो 18 सितंबर को शांतिपूर्ण व निष्पक्ष मतदान कराना दिल्ली पुलिस और DU प्रशासन के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी।
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