डिजिटल ओपीडी पंजीकरण में एम्स दिल्ली देश में प्रथम, 54 लाख से अधिक पंजीकरण दर्ज
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत एम्स नई दिल्ली ने स्कैन एंड रजिस्टर सेवा के इस्तेमाल में देश के सभी सरकारी अस्पतालों को पीछे छोड़ दिया है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत दी जा रही 'स्कैन एंड रजिस्टर' सेवा का उपयोग करने में देश भर के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस डिजिटल पहल से अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बड़ी सुविधा मिल रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एम्स नई दिल्ली में इस नई तकनीक के जरिए अब तक 54.29 लाख से अधिक ओपीडी पंजीकरण किए जा चुके हैं। देश के किसी भी अन्य सरकारी अस्पताल की तुलना में क्यूआर कोड आधारित ओपीडी रजिस्ट्रेशन का यह आंकड़ा सबसे अधिक है।
स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के विस्तार के तहत इस सेवा की शुरुआत अक्टूबर 2022 में की गई थी। पूर्व में 'स्कैन एंड शेयर' नाम से जानी जाने वाली इस सुविधा को अब 'स्कैन एंड रजिस्टर' के रूप में संचालित किया जा रहा है।
इस प्रणाली के तहत अस्पताल परिसर में उपलब्ध क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करके मरीज तुरंत डिजिटल रूप से अपना ओपीडी पंजीकरण कर सकते हैं। इसके माध्यम से पंजीकरण काउंटर पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी बार-बार दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
इस डिजिटल व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन से अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिली है। इसके साथ ही कागजी प्रक्रिया भी सीमित हुई है और मरीजों का अस्पताल में प्रतीक्षा समय काफी कम हुआ है।
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