यमुना से जुड़े नालों के किनारे 33 जगहों पर मिला ठोस कचरा, सीपीसीबी ने एनजीटी को सौंपी रिपोर्ट
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और डीपीसीसी की जांच में शाहदरा और साहिबी नालों के विभिन्न स्थानों पर कचरा डंप किए जाने की पुष्टि हुई है।

राजधानी में यमुना नदी में गिरने वाले प्रमुख नालों के किनारे बड़े पैमाने पर ठोस कचरा डंप किए जाने का मामला सामने आया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, मई 2025 से अप्रैल 2026 के दौरान शाहदरा और साहिबी नालों के पास 33 स्थानों पर ठोस कचरा फेंका हुआ पाया गया।
सीपीसीबी ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में दाखिल अपने जवाब में यह जानकारी दी है। एनजीटी में यह मामला अप्रैल 2026 की एक खबर के बाद शुरू हुआ था, जिसमें ओखला लैंडफिल से निकला कचरा यमुना के पास डंप किए जाने की बात कही गई थी।
एनजीटी को दिए जवाब में सीपीसीबी ने बताया कि उसने स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन (एनएमसीजी) के साथ मिलकर यमुना और उसके मुख्य नालों की जल गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क के विस्तार की जरूरत बताई थी। इसके तहत साहिबी (नजफगढ़ नाला) और शाहदरा नाले को निगरानी प्रक्रिया में शामिल किया गया था।
इस कार्यक्रम के तहत सीपीसीबी, डीपीसीसी और दिल्ली जल बोर्ड ने मिलकर मई 2025 से अप्रैल 2026 तक मासिक आधार पर साहिबी और शाहदरा नालों के अलावा उनके उप-नालों के 52 स्थानों की निगरानी की। इस दौरान 52 में से 33 स्थानों पर ठोस कचरा जमा पाया गया।
सीपीसीबी ने इस स्थिति पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट को एनएमसीजी, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), डीपीसीसी के साथ-साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को भेजा है। इसका उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाना है।
वहीं डीपीसीसी ने भी कई एजेंसियों से इस संबंध में कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) तलब की है। इनमें सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) शामिल हैं।
इनके अलावा दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग, दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) और दिल्ली कैंट बोर्ड को भी अपनी एटीआर दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन अब इन नालों में कचरे के डंपिंग को रोकने के लिए समीक्षा कर रहा है।
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टिप्पणियाँ
3इसे अपने परिवार के समूह में साझा किया। द्विभाषी टॉगल सचमुच उपयोगी है।
आगे क्या होगा वाला हिस्सा वही है जिसे सब छोड़ेंगे और सबको पढ़ना चाहिए।
आख़िरकार, ऐसी कवरेज जो पाठक की समझ का सम्मान करती है। धन्यवाद।