दिल्ली में अगस्त के पहले सप्ताह में 16 साल की रिकॉर्ड बारिश, जलभराव से यातायात ठप
सफदरजंग में सात दिनों के भीतर 127 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे राजधानी की प्रमुख सड़कें और अंडरपास जलमग्न हो गए।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगस्त महीने की शुरुआत भारी बारिश के साथ हुई है, जिससे जनजीवन और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सफदरजंग मौसम केंद्र ने अगस्त के पहले सात दिनों में 127 मिमी बारिश दर्ज की है, जो बीते 16 वर्षों में इस महीने के पहले सप्ताह की सबसे अधिक बारिश है। लगातार चौथे दिन जारी बारिश के कारण शहर की प्रमुख सड़कों और अंडरपास में पानी भर गया, जिससे कई इलाकों में वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को सुबह 8:30 बजे से रात 8:00 बजे के बीच दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। इस दौरान पुष्प विहार में 147.5 मिमी और छतरपुर में 131 मिमी वर्षा हुई, जबकि आया नगर में 87.4 मिमी, पालम में 88.7 मिमी और सफदरजंग में 77.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इस तेज बारिश के कारण महरौली-बदरपुर रोड पर लगभग दो फीट पानी जमा हो गया और ओखला अंडरपास में पानी भरने के साथ-साथ उसकी छत से रिसाव की सूचना मिली।
सड़कों पर जलभराव की वजह से धौला कुआं, Mathura Road, नेहरू प्लेस, डीएनडी फ्लाईवे, कालिंदी कुंज और रिंग रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर गाड़ियों की रफ्तार धीमी पड़ गई। ग्रेटर कैलाश द्वितीय, वसंत कुंज, मालवीय नगर और सैनिक फार्म्स में भी सड़कें जलमग्न रहीं। इसके अलावा सदर बाजार, कृष्णा नगर और संगम विहार के निवासियों ने जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह विफल होने और दुकानों तथा घरों में पानी घुसने की शिकायत दर्ज कराई।
नागरिक एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार शाम 6 बजे तक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 22 स्थानों से जलभराव की शिकायतें प्राप्त हुईं। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) को भी जलभराव की 15 शिकायतें और पेड़ गिरने की सूचनाएं मिलीं। हालांकि, उपराज्यपाल की समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, 5 अगस्त तक शहर में जलभराव वाले स्थानों की संख्या घटकर 65 रह गई है, जो वर्ष 2024 में 194 और वर्ष 2025 में 169 दर्ज की गई थी।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि रोकथाम के उपायों और बेहतर जल निकासी के कारण जखीरा अंडरपास जैसे संवेदनशील स्थानों पर यातायात बाधित नहीं हुआ। सरकार ने कुछ क्षेत्रों में जलभराव की समस्या का कारण वहां चल रहे बुनियादी ढांचे और नाले के निर्माण कार्यों को बताया। इसके बावजूद, सड़कों पर फंसे यात्रियों के लिए सामान्य दूरी तय करना भी लंबी परीक्षा बन गया।
बारिश का असर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के हिस्से गुरुग्राम में भी देखा गया, जहां सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बीच लगभग 60 मिमी बारिश दर्ज की गई। शाम के समय दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और उद्योग विहार क्षेत्र में भीषण जाम लग गया और करीब 40 वाहन बीच रास्ते में खराब हो गए। राजीव चौक से इफको चौक की दूरी तय करने में चालकों को 15-20 मिनट के बजाय एक घंटे तक का समय लगा।
लगातार हो रही इस बारिश से जहां सड़कें जलमग्न हुईं और पेड़ व दीवारें गिरने की घटनाएं सामने आईं, वहीं दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। शुक्रवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुधार के साथ 63 दर्ज किया गया, जिससे हवा लगातार आठ दिनों से 'संतोषजनक' श्रेणी में बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जून में 44 प्रतिशत की कमी के बाद जुलाई में 23 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई थी।
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