सामग्री पर जाएँ
ताज़ा खबर
अशोक विहार चुनाव परिणाम: अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी में अनिल गुप्ता का सूपड़ा साफ, सद्भावना पैनल की ऐतिहासिक जीत के 5 बड़े कारण अशोक विहार, दिल्लीCBI का बड़ा एक्शन: केशव पुरम व डेरावाला नगर में अवैध निर्माण पर ₹5 लाख की रिश्वत लेते MCD बेलदार गिरफ्तार , JE दिलखुश मीणा समेत 4 पर FIRNW Delhi | अशोक विहार के DDA पार्क में युवक की चाकू गोदकर हत्या, युवती की हालत नाजुक , जांच में जुटी पुलिसNEET पेपर लीक विवाद: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, CJP ने आंदोलन को बताया अपनी जीतचक्रवात तेज़ होने से ओडिशा तट पर रेड अलर्टदिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह पकड़ा, 2,300 लोगों से ₹41 करोड़ की ठगीकैबिनेट ने गुजरात में ₹76,000 करोड़ की चिप फैब को मंज़ूरी दीगाजियाबाद में NH-9 पर बेकाबू थार ने डायल 112 की बाइक में मारी टक्कर, होमगार्ड की मौत1.40 लाख बेटियों को साइकिल मिलेगी, लेकिन क्या इससे दिल्ली की बेटियों की शिक्षा की असली मुश्किलें खत्म होंगी?सोनीपत: वृद्धाश्रम में बुजुर्ग व्यापारी के निधन के बाद बेटियां नहीं आईं, भाई ने हरिद्वार में किया अस्थि विसर्जनरोहतक एमडीयू में 10 फीसदी फीस बढ़ोतरी के खिलाफ छात्रों का धरना, वीसी दफ्तर के घेराव की चेतावनीनोएडा के सेक्टर 110 में 16वीं मंजिल से गिरकर युवती की मौत, दहेज हत्या के आरोप में पति गिरफ्तारपश्चिमी दिल्ली के मायापुरी में क्रेन ने मजदूर को कुचला, चालक गिरफ्तार

शिक्षकों से अनिवार्य चुनाव ड्यूटी कराने पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से मांगा जवाब

हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि सरकारी शिक्षकों से मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम जबरन कराने के बजाय ऐच्छिक होना चाहिए।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
शेयर
25 जुलाई 2026 · 9:44 am2.2 हज़ार व्यूज़अपडेटेड 9:44 amदिल्ली उच्च न्यायालय
शिक्षकों से अनिवार्य चुनाव ड्यूटी कराने पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से मांगा जवाब
शिक्षकों से अनिवार्य चुनाव ड्यूटी कराने पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से मांगा जवाबHindustan Times

दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजधानी में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए सरकारी स्कूल के शिक्षकों को अनिवार्य रूप से बीएलओ और गणना कर्मचारी बनाने पर निर्वाचन आयोग (ईसीआई) से सवाल पूछे हैं। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि शिक्षकों से इस प्रकार के चुनावी कार्य जबरन कराने के बजाय ऐच्छिक होने चाहिए।

सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूल के शिक्षक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी नहीं हैं। पीठ ने टिप्पणी की कि भले ही जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 13बी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को कर्मचारियों की तैनाती का अधिकार देती है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश शिक्षकों को चुनाव संबंधी कर्तव्यों के लिए बाध्य करने पर सीमाएं तय करते हैं।

अदालत ने आयोग के 14 जुलाई के नोटिस का हवाला देते हुए पूछा कि यदि कर्मचारियों को स्वयंसेवक कहा जा रहा है, तो काम को अनिवार्य कैसे बनाया जा सकता है। पीठ ने कहा कि छुट्टियों के दिन काम करने के बाद कर्मचारियों को आराम की जरूरत होती है। अदालत ने आयोग से पूछा कि क्या अनुच्छेद 324 की आड़ में ऐसा किया जा सकता है, जबकि आदेश न मानने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

यह याचिका अधिवक्ता राजेश गोगना और अशोक अग्रवाल द्वारा दायर की गई थी, जिसमें आंबेडकर नगर के सरकारी शिक्षकों को एसआईआर ड्यूटी में लगाने के 14 जुलाई के आदेश को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया कि पढ़ाई के घंटों के दौरान स्कूलों से शिक्षकों को हटाने से कक्षाएं अतिथि शिक्षकों या अन्य विषयों के शिक्षकों को संभालनी पड़ रही हैं, जिससे छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

निर्वाचन आयोग ने याचिका का विरोध करते हुए अदालत में दलील दी कि शिक्षकों को स्कूल के घंटों के बाद और छुट्टियों में ही बीएलओ की जिम्मेदारी दी जा रही है। आयोग ने बताया कि इसके लिए उन्हें मुआवजा और मानदेय दिया जाता है तथा जहां स्कूलों ने कठिनाई जताई, वहां उदार रुख अपनाया गया है।

आयोग ने अदालत को यह भी बताया कि बीएलओ का काम सिर्फ शिक्षकों से नहीं, बल्कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), नगर निगम (एमसीडी) और अन्य विभागों के कर्मचारियों से भी कराया जा रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्वाचन आयोग को अपना रुख स्पष्ट करते हुए हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई तय की।

इनसे संबंधितdelhi-ncrdelhi-educationDelhi High CourtECISchool TeachersElection DutyDelhi
शेयर

लेखक

टिप्पणियाँ

0

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें। टिप्पणियाँ शिष्टता के लिए संचालित होती हैं।

आगे पढ़ें

संबंधित कवरेज

दिल्ली में निजी विश्वविद्यालय खोलने का रास्ता साफ, कैबिनेट ने प्रारूप विधेयक को दी मंजूरी4.3 हज़ार

दिल्ली में निजी विश्वविद्यालय खोलने का रास्ता साफ, कैबिनेट ने प्रारूप विधेयक को दी मंजूरी

दिल्ली सरकार ने राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े प्रारूप विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसे अब विधानसभा में पेश किया जाएगा।

अशोक विहार चुनाव परिणाम: अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी में अनिल गुप्ता का सूपड़ा साफ, सद्भावना पैनल की ऐतिहासिक जीत के 5 बड़े कारण अशोक विहार, दिल्ली1.8 हज़ार

अशोक विहार चुनाव परिणाम: अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी में अनिल गुप्ता का सूपड़ा साफ, सद्भावना पैनल की ऐतिहासिक जीत के 5 बड़े कारण अशोक विहार, दिल्ली

अशोक विहार अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी के चुनाव में सद्भावना पैनल ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए सभी प्रमुख पदों पर कब्ज़ा कर लिया। समाज ने परिवर्तन, पारदर्शिता और विकास के पक्ष में मतदान करते हुए पूर्व नेतृत्व को स्पष्ट रूप से नकार दिया।

नीट प्रदर्शनकारियों पर दर्ज 13 एफआईआर वापस लेगी दिल्ली सरकार, एलजी से मिल गई मंजूरी2.1 हज़ार

नीट प्रदर्शनकारियों पर दर्ज 13 एफआईआर वापस लेगी दिल्ली सरकार, एलजी से मिल गई मंजूरी

उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद नीट परीक्षा विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में छात्रों को राहत दी गई है, साथ ही एलजी ने एरोसिटी विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।