सामग्री पर जाएँ
ताज़ा खबर
चक्रवात तेज़ होने से ओडिशा तट पर रेड अलर्टदिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह पकड़ा, 2,300 लोगों से ₹41 करोड़ की ठगीकैबिनेट ने गुजरात में ₹76,000 करोड़ की चिप फैब को मंज़ूरी दीजंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद खुले दिल्ली मेट्रो के सभी 17 स्टेशन, दिनभर परेशान रहे यात्रीजंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर बढ़ा विपक्षी दबावदिल्ली विश्वविद्यालय के कामकाज में बढ़ेगा हिंदी का प्रयोग, कुलसचिव ने जारी किए सख्त निर्देशजंतर-मंतर पर खाली कराए जाने के बाद फिर उमड़ी भीड़, शिक्षा सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन तेजपानीपत में सिंचाई के विवाद में किसान की हत्या, आरोपी पड़ोसी गिरफ्तारनोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो विस्तार को गति, पीआईबी के समक्ष आज एनएमआरसी देगा प्रस्तुतीकरण

दिल्ली विश्वविद्यालय के कामकाज में बढ़ेगा हिंदी का प्रयोग, कुलसचिव ने जारी किए सख्त निर्देश

दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबद्ध कॉलेजों और विभागों को राजभाषा नियमों का कड़ाई से पालन करने और आधिकारिक दस्तावेजों को प्राथमिक रूप से हिंदी में तैयार करने का निर्देश दिया है।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
शेयर
22 जुलाई 2026 · 4:33 pm340 व्यूज़
दिल्ली विश्वविद्यालय के कामकाज में बढ़ेगा हिंदी का प्रयोग, कुलसचिव ने जारी किए सख्त निर्देश
दिल्ली विश्वविद्यालय के कामकाज में बढ़ेगा हिंदी का प्रयोग, कुलसचिव ने जारी किए सख्त निर्देशDainik Bhaskar

दिल्ली विश्वविद्यालय ने प्रशासनिक और शैक्षणिक कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए एक विस्तृत सर्कुलर जारी किया है। कुलसचिव की ओर से जारी इस आदेश में सभी संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, कॉलेजों के प्राचार्यों और अधिकारियों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालय से जुड़े सभी संस्थानों में भारत सरकार के राजभाषा अधिनियम 1963 और राजभाषा नियम 1976 का प्रभावी अनुपालन अनिवार्य कर दिया गया है।

सर्कुलर के मुताबिक विश्वविद्यालय के प्रमुख प्रशासनिक और शैक्षणिक दस्तावेजों को अब द्विभाषी रूप में तैयार किया जाएगा। इनमें प्रॉस्पेक्टस, सूचना बुलेटिन, नामपट्ट, पहचान पत्र, फाइल कवर, रबर स्टांप और निमंत्रण पत्र शामिल हैं, जिनमें हिंदी को प्राथमिक स्थान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई पत्र हिंदी में प्राप्त होता है तो उसका जवाब भी अनिवार्य रूप से हिंदी भाषा में ही देना होगा।

प्रशासनिक तंत्र को डिजिटल स्तर पर मजबूत करने के लिए कंप्यूटरों पर यूनिकोड के जरिए हिंदी टंकण को बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट को डिफॉल्ट रूप से हिंदी भाषा में उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। इन दिशा-निर्देशों के जरिए प्रशासनिक कामकाज को सुगम और आम लोगों की पहुंच के भीतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजभाषा से जुड़े इन नियमों और प्रावधानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी इन निर्देशों का उल्लंघन करता है या अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।

डीयू की विद्वत परिषद के पूर्व सदस्य और अरविंदो कॉलेज के हिंदी विभाग के प्रोफेसर हंसराज सुमन ने विश्वविद्यालय प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने प्रत्येक कॉलेज में राजभाषा हिंदी सप्ताह आयोजित करने की मांग रखी है।

प्रोफेसर सुमन के अनुसार, हिंदी भाषा को छात्रों के रोजगार के अवसरों से जोड़ना वर्तमान समय की प्रमुख आवश्यकता है। उन्होंने अनुवाद, पत्रकारिता, रंगमंच, फिल्म, ब्लॉग लेखन और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित प्रतियोगिताएं कराने का सुझाव दिया। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से महाविद्यालयों में स्थित राजभाषा हिंदी प्रकोष्ठ के लिए अनुदान राशि बढ़ाने का भी आग्रह किया।

इनसे संबंधितdelhi-educationDelhi UniversityDU Hindi CircularRajbhashaEducation News
शेयर

लेखक

टिप्पणियाँ

4

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें। टिप्पणियाँ शिष्टता के लिए संचालित होती हैं।

आगे पढ़ें

संबंधित कवरेज

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद खुले दिल्ली मेट्रो के सभी 17 स्टेशन, दिनभर परेशान रहे यात्री118

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद खुले दिल्ली मेट्रो के सभी 17 स्टेशन, दिनभर परेशान रहे यात्री

सुरक्षा व्यवस्था के चलते दिनभर बंद रहने के बाद दिल्ली मेट्रो के सभी 17 स्टेशनों को बुधवार शाम यात्रियों के लिए दोबारा खोल दिया गया।

जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर बढ़ा विपक्षी दबाव231

जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर बढ़ा विपक्षी दबाव

भारी बारिश और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी, कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर दिया धरना।

जंतर-मंतर पर खाली कराए जाने के बाद फिर उमड़ी भीड़, शिक्षा सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज212

जंतर-मंतर पर खाली कराए जाने के बाद फिर उमड़ी भीड़, शिक्षा सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज

पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को खाली कराए जाने के बाद भी प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा दोबारा बढ़ गया है।