कालकाजी कांड के बाद आधी रात सड़कों पर उतरीं महिलाएं, एकजुटता मार्च निकाल जताया विरोध
आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के विरोध में कालकाजी की सड़कों पर करीब 60 महिलाओं ने देर रात पैदल मार्च निकाला।

दक्षिणी दिल्ली के कालकाजी इलाके में नाबालिग छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के विरोध में शनिवार देर रात करीब 60 महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर एकजुटता मार्च निकाला। 'विमेन वॉक एट मिडनाइट' समूह के बैनर तले आयोजित इस मार्च में महिलाओं ने कालकाजी, जमुई और समस्तीपुर में हिंसा की शिकार पीड़िताओं के समर्थन में आवाज उठाई। बारिश के बीच हाथों में छाता लिए महिलाओं ने कालकाजी की कम रोशनी वाली गलियों में करीब ढाई घंटे तक मार्च किया।
गौरतलब है कि इसी हफ्ते कालकाजी के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय स्कूली छात्रा के साथ तीन युवकों द्वारा कथित तौर पर गैंगरेप किया गया था। इस वारदात ने राष्ट्रीय राजधानी में महिला सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। इसी के मद्देनजर दिल्ली, नोएडा और मेरठ जैसे शहरों से आईं वकीलों, डॉक्टरों, लेखकों और छात्राओं ने इस विरोध मार्च में हिस्सा लिया।
दिल्ली में इस अभियान के करीब एक दशक के इतिहास में यह पहला मौका था जब मार्च के दौरान पुलिस सुरक्षा भी मौजूद रही। कालकाजी की गलियों में चल रही महिलाओं की सुरक्षा के लिए करीब 20 पुलिसकर्मी और चार पीसीआर वैन साथ-साथ तैनात रहे। देर रात सुनसान सड़कों और बंद होती दुकानों के बीच निकले इस मार्च में शामिल महिलाओं ने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया।
मार्च में पहली बार शामिल हुईं दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा तमन्ना चौहान ने बताया कि हालिया घटना के चलते मन में झिझक थी, लेकिन समूह के बीच चलने से डर दूर हुआ। वहीं नोएडा से अपनी बेटी के साथ पहुंचीं 53 वर्षीय निधि टी ने कहा कि रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर आमतौर पर पुरुषों की मौजूदगी अधिक रहती है, लेकिन अन्य महिलाओं के साथ कदम मिलाने से सुरक्षा और अपनेपन का अहसास हुआ।
वर्ष 2016 में 2012 के निर्भया आंदोलन से प्रेरित होकर इस पहल की शुरुआत करने वाली मल्लिका तनेजा ने कहा कि बड़े स्तर पर व्यवस्था में कोई खास बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर महिलाओं के भीतर बदलाव जरूर आता है। तनेजा के अनुसार, उस स्थिति तक पहुंचने में अभी वक्त लगेगा जब महिलाएं बिना किसी खास उद्देश्य या विरोध के भी रात में बेखौफ घूम सकेंगी।
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