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दिल्ली में बड़े बिजली उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त सरचार्ज चार साल में होगा समाप्त, DERC ने नियमों में किया बदलाव

दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग ने ओपन एक्सेस नियमों में संशोधन कर व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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8 अगस्त 2026 · 11:25 am6.5 हज़ार व्यूज़अपडेटेड 11:32 am
दिल्ली में बड़े बिजली उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त सरचार्ज चार साल में होगा समाप्त, DERC ने नियमों में किया बदलाव
दिल्ली में बड़े बिजली उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त सरचार्ज चार साल में होगा समाप्त, DERC ने नियमों में किया बदलाव

दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने ओपन एक्सेस विनियमों में संशोधन करते हुए पात्र बिजली उपभोक्ताओं पर लगने वाले अतिरिक्त सरचार्ज को चार वर्षों के भीतर चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का फैसला किया है। अधिकारियों के अनुसार इस कदम का मुख्य उद्देश्य बड़े बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली उत्पादकों से सीधे बिजली खरीद को अधिक आकर्षक बनाना है। दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने मानसून सत्र के पहले दिन शुक्रवार को विधानसभा में इस संशोधन की अधिसूचना पेश की।

यह बदलाव दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (ओपन एक्सेस की नियम एवं शर्तें) (दूसरा संशोधन) विनियम, 2026 के माध्यम से अधिसूचित किया गया है। नए ढांचे के तहत ओपन एक्सेस व्यवस्था का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह छूट तैयार की गई है। आयोग का मानना है कि इस नीतिगत बदलाव से राजधानी में बड़े बिजली खरीदारों को सीधी बिजली खरीद प्रणाली से जुड़ने में मदद मिलेगी।

ओपन एक्सेस व्यवस्था के तहत औद्योगिक इकाइयों, शॉपिंग मॉल और सामूहिक आवास समितियों जैसे बड़े उपभोक्ताओं को अपनी स्थानीय वितरण कंपनियों के बजाय सीधे बिजली उत्पादक कंपनियों से बिजली खरीदने की अनुमति होती है। दिल्ली में वर्तमान में बीएसईएस और टाटा पावर-डीडीएल जैसी कंपनियां बिजली वितरण का कार्य संभालती हैं। संशोधित नियमों के अनुसार जनरल नेटवर्क एक्सेस (जीएनए) या ओपन एक्सेस का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं पर लागू अतिरिक्त सरचार्ज में हर साल कटौती की जाएगी।

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ओपन एक्सेस सुविधा की स्वीकृति मिलने की तारीख से चार साल की अवधि के भीतर यह सरचार्ज पूरी तरह खत्म हो जाएगा। हालांकि, इसके लिए शर्त यह होगी कि उपभोक्ता इस चार वर्ष की अवधि के दौरान लगातार ओपन एक्सेस सुविधा का उपयोग जारी रखें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह सरचार्ज केवल उन्हीं ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं पर लागू होगा जो संबंधित वितरण लाइसेंसधारी के उपभोक्ता हैं या रहे हैं।

जारी अधिसूचना के मुताबिक, पुराने नियमों के तहत पहले ही वसूले जा चुके या लगाए जा चुके अतिरिक्त सरचार्ज की वापसी, समायोजन या वसूली का कोई दावा उपभोक्ता नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा, वितरण लाइसेंसधारी के साथ बनाए रखे गए अनुबंध की मांग की सीमा तक यह अतिरिक्त सरचार्ज लागू नहीं होगा।

डीईआरसी के नए नियमों ने जनरल नेटवर्क एक्सेस और अस्थायी जीएनए की परिभाषाओं को केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग (सीईआरसी) के मानकों के अनुरूप बना दिया है। इसके साथ ही आयोग द्वारा जारी एक शुद्धिपत्र के जरिए मूल राजपत्र अधिसूचना की तारीख को 19 मार्च 2025 से बदलकर 19 मार्च 2026 कर दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस तारीख के सुधार से संशोधनों की मूल सामग्री पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

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