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ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर को मिली पीआईबी की मंजूरी, 2,000 करोड़ रुपये की परियोजना

नोएडा सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच बनने वाले 8.4 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को अब केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम स्वीकृति का इंतजार है।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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23 जुलाई 2026 · 8:51 am3 हज़ार व्यूज़
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर को मिली पीआईबी की मंजूरी, 2,000 करोड़ रुपये की परियोजना
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर को मिली पीआईबी की मंजूरी, 2,000 करोड़ रुपये की परियोजनाThe Times of India

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) ने बुधवार को प्रस्तावित 8.4 किलोमीटर लंबे मेट्रो लाइन विस्तार को हरी झंडी दे दी है। नोएडा सेक्टर 51 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर 4 तक जाने वाले इस कॉरिडोर का निर्माण लगभग 2,000 करोड़ रुपये की लागत से चार वर्षों में पूरा किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी से पहले पीआईबी की अनापत्ति को सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। यह अंतर-मंत्रालयी निकाय किसी भी बड़े सार्वजनिक निवेश प्रस्ताव का मूल्यांकन करता है। एनएमआरसी के महाप्रबंधक (परियोजना) प्रदीप यादव के अनुसार, पीआईबी एक सप्ताह में बैठक का विवरण साझा करेगा, जिसके बाद परियोजना को अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट को भेजा जाएगा।

कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद डेवलपर का चयन करने के लिए निविदाएं जारी की जाएंगी। इस 8.4 किलोमीटर लंबे रूट पर कुल पांच स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है। इन स्टेशनों में सेक्टर 61, सेक्टर 70, सेक्टर 122, सेक्टर 123 और ग्रेटर नोएडा सेक्टर 4 (गौर चौक) शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार, इस कॉरिडोर के चालू होने से विशेष रूप से उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जो वर्तमान में गौर चौक के भीड़भाड़ वाले सड़क मार्ग पर निर्भर हैं। गौर चौक ग्रेटर नोएडा वेस्ट का एक प्रमुख यातायात केंद्र है, जो पांच लाख से अधिक आबादी को सेवा प्रदान करता है। मजबूत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के अभाव में इस मार्ग पर प्रतिदिन नोएडा, सूरजपुर, क्रॉसिंग रिपब्लिक और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों के कारण भारी जाम लगता है।

स्थानीय निवासियों ने इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही अतीत में हुई देरी को देखते हुए जल्द काम शुरू करने की उम्मीद भी जताई है। वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश सरकार ने सेक्टर 61 से नॉलेज पार्क V तक 18 किलोमीटर के ट्रैक को मंजूरी दी थी। हालांकि, प्रस्तावित 72 किलोमीटर के गाजियाबाद-जेवर रैपिड रेल कॉरिडोर के कारण केंद्र सरकार ने इसे रोक दिया था, जिसके बाद एनएमआरसी को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में संशोधन करना पड़ा था।

वर्तमान में एनएमआरसी द्वारा संचालित एक्वा लाइन नोएडा के सेक्टर 51 को ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन से जोड़ती है। हाल ही में केंद्र सरकार ने सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन और डिपो-बोराकी मार्ग के विस्तार को भी मंजूरी दी थी, जिसके लिए डेवलपर्स की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है।

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