गुरुग्राम में मिलीं नकली दवाएं रुड़की में बनी थीं, दिल्ली और यूपी से जुड़े तार: हरियाणा एफडीए
हरियाणा एफडीए की जांच में खुलासा हुआ है कि गुरुग्राम में जब्त की गईं रक्तचाप की नकली दवाएं उत्तराखंड के रुड़की में बनाई जा रही थीं।

हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने खुलासा किया है कि पिछले सप्ताह गुरुग्राम के मेडिकल स्टोरों से जब्त की गई रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की नकली दवाएं उत्तराखंड के रुड़की स्थित एक इकाई में बनाई गई थीं। इस मामले में कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने दिल्ली के ओखला में एक थोक विक्रेता फर्म पर छापेमारी की, जिसने कथित तौर पर इन नकली दवाओं की आपूर्ति की थी। इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वे ये दवाएं रुड़की के एक निर्माता से खरीदते थे। एफडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन टैबलेट और स्ट्रिप्स को पहले उत्तर प्रदेश के लखनऊ भेजा जाता था। इसके बाद लखनऊ के रास्ते इन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), विशेष रूप से गुरुग्राम और दिल्ली के मेडिकल स्टोरों में खुदरा बिक्री के लिए पहुंचाया जाता था।
अधिकारियों के अनुसार, नकली दवाएं बनाने वाली संदिग्ध इकाई की पहचान कर ली गई है और जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। जांच को आगे बढ़ाने के लिए विभाग रविवार को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से गिरफ्तार किए गए एक अन्य आरोपी की पुलिस रिमांड लेने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि रुड़की की यह इकाई अन्य बीमारियों की भी नकली दवाएं बना रही थी।
जांच में सामने आया है कि इन नकली दवाओं पर मुंबई मुख्यालय वाली एक प्रसिद्ध दवा कंपनी का लेबल लगा हुआ था। लेबल के अनुसार, इन दवाओं को हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित इकाई में निर्मित दिखाया गया था। हालांकि, संबंधित दवा कंपनी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि ये दवाएं पूरी तरह से नकली हैं और उनके द्वारा निर्मित नहीं की गई हैं।
इस पूरे मामले की जांच 16 जुलाई को गुरुग्राम के मेडिकल स्टोरों पर नकली हाइपरटेंशन दवाओं की बिक्री की सूचना मिलने के बाद शुरू हुई थी। इसके बाद गुरुग्राम के ड्रग कंट्रोलर अधिकारियों ने संबंधित स्टोरों से दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड बिल हासिल किए। इन बिलों के आधार पर ही दिल्ली के ओखला स्थित थोक विक्रेता फर्म पर छापा मारा गया, जहां से गिरफ्तारियां की गईं। इस मामले में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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2क्षेत्रीय असर पर थोड़ा और होता तो अच्छा था, पर कुल मिलाकर मज़बूत लेख।
संतुलित, अच्छी तरह प्रमाणित रिपोर्टिंग। इसीलिए मैं आज भी ख़बरों के लिए भुगतान करता हूँ।