जसोला में खुले नाले में गिरा 15 वर्षीय छात्र, मुख्यमंत्री के निर्देश पर एमसीडी का जूनियर इंजीनियर निलंबित
जसोला गांव में पतंग पकड़ने के दौरान नाले में गिरे किशोर की तलाश जारी, लापरवाही बरतने पर निगम अधिकारी के खिलाफ हुई कार्रवाई।

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जसोला इलाके में खुले नाले में 15 वर्षीय छात्र के गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने एक जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कड़े रुख और त्वरित कार्रवाई के निर्देश के बाद यह प्रशासनिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मुख्य सचिव से नाले की स्थिति पर रिपोर्ट तलब की थी।
एमसीडी के आदेश के अनुसार, रखरखाव अनुभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर अनुज कुमार को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित है और उन्हें निलंबन अवधि के दौरान सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की इजाजत नहीं होगी।
यह हादसा शनिवार सुबह जसोला गांव के आवासीय क्षेत्र के पास हुआ था, जब आठवीं कक्षा में पढ़ने वाला छात्र पतंग पकड़ने के प्रयास में खुले नाले के करीब चला गया। पैर फिसलने से वह गहरे नाले में जा गिरा, जिसके बाद उसके परिजनों ने मदद की गुहार लगाई। दिल्ली अग्निशमन सेवा को सुबह करीब 11:54 बजे सूचना दी गई और राहत कार्य के लिए दो दमकल गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं।
किशोर का पता लगाने के लिए एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, बोट क्लब और जिला प्रशासन ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया है। गोताखोरों की मदद से नाले और उसके आसपास के हिस्सों में खोजबीन की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि रात में बचाव कार्य रोक दिया जाता है, लेकिन मंगलवार सुबह से इसे फिर से शुरू किया जाएगा और आगरा नहर के निचले हिस्से तक यह अभियान जारी रहेगा।
इस घटना के बाद नाले के स्वामित्व और देखरेख को लेकर विभागों के बीच खींचतान भी देखने को मिली। दिल्ली जल बोर्ड ने दावा किया कि ओखला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से शोधित पानी ले जाने वाला यह नाला एमसीडी को हस्तांतरित किया जा चुका था, जबकि नगर निगम ने शुरुआत में इसे सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग का बताया था। हालांकि, बाद में समीक्षा के दौरान पुष्टि हुई कि यह नाला एमसीडी के अधिकार क्षेत्र में ही आता है।
मुख्यमंत्री ने विभागों द्वारा जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने और गाद निकालने के झूठे दावों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। अधिकारियों के अनुसार, नाले के लगभग 150 मीटर के हिस्से में भारी मात्रा में कचरा, मलबा और सिल्ट जमा है, जिससे वहां मशीनों के संचालन और तलाशी अभियान में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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