सामग्री पर जाएँ
ताज़ा खबर
अशोक विहार चुनाव परिणाम: अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी में अनिल गुप्ता का सूपड़ा साफ, सद्भावना पैनल की ऐतिहासिक जीत के 5 बड़े कारण अशोक विहार, दिल्लीCBI का बड़ा एक्शन: केशव पुरम व डेरावाला नगर में अवैध निर्माण पर ₹5 लाख की रिश्वत लेते MCD बेलदार गिरफ्तार , JE दिलखुश मीणा समेत 4 पर FIRNW Delhi | अशोक विहार के DDA पार्क में युवक की चाकू गोदकर हत्या, युवती की हालत नाजुक , जांच में जुटी पुलिसNEET पेपर लीक विवाद: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, CJP ने आंदोलन को बताया अपनी जीतचक्रवात तेज़ होने से ओडिशा तट पर रेड अलर्टदिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह पकड़ा, 2,300 लोगों से ₹41 करोड़ की ठगीकैबिनेट ने गुजरात में ₹76,000 करोड़ की चिप फैब को मंज़ूरी दीदिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंत में केवल 61 प्रतिशत चुनावी फॉर्म हुए डिजिटाइजदिल्ली में संपत्ति कर डिफॉल्टरों को पकड़ने के लिए 3D मैपिंग शुरू करेगा MCDदिल्ली में यमुना किनारे 31 मार्च 2027 तक बनेगी बाढ़ सुरक्षा दीवार, आईएंडएफसी विभाग ने एनजीटी को सौंपी रिपोर्टदिल्ली विश्वविद्यालय: यौन उत्पीड़न मामले में हाई कोर्ट के आदेश का पालन न होने पर परिषदों ने वीसी से की कार्रवाई की मांगटैगोर गार्डन का ढहता ऐतिहासिक ताना-बाना: आधुनिक बदलावों से मिट रही बंटवारे के दौर की वास्तुकलाकांवड़ यात्रा: दिल्ली में देर रात बजते डीजे और ट्रैफिक जाम से निवासी परेशान, 11 अगस्त तक प्रभावित रहेंगे कई मार्ग

दिल्ली में संपत्ति कर डिफॉल्टरों को पकड़ने के लिए 3D मैपिंग शुरू करेगा MCD

कर चोरी रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए दिल्ली नगर निगम चार ज़ोनों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
शेयर
3 अगस्त 2026 · 9:34 am1.6 हज़ार व्यूज़अपडेटेड 9:34 am
दिल्ली में संपत्ति कर डिफॉल्टरों को पकड़ने के लिए 3D मैपिंग शुरू करेगा MCD
दिल्ली में संपत्ति कर डिफॉल्टरों को पकड़ने के लिए 3D मैपिंग शुरू करेगा MCDHindustan Times

दिल्ली दर्पण ब्यूरो रिपोर्ट :- दिल्ली में संपत्ति कर न चुकाने वालों की पहचान करने और कर आधार का विस्तार करने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। इसके तहत 3डी मैपिंग और डिजिटल सर्वे के जरिए संपत्तियों की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। वरिष्ठ निगम अधिकारियों ने रविवार को इस नई योजना की जानकारी दी।

एमसीडी के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, दिल्ली में लगभग 32.5 लाख संपत्तियां कर के दायरे में आती हैं। इसके बावजूद वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक केवल 14 लाख संपत्तियों से ही संपत्ति कर प्राप्त हुआ है। दिल्ली नगर निगम अधिनियम की धारा 114 के तहत निर्मित भवनों और खाली जमीनों दोनों पर कर लगाया जा सकता है।

वर्ष 2004 में संपत्ति कर की गणना के लिए स्व-मूल्यांकन और यूनिट एरिया पद्धति लागू की गई थी, जिसके बाद से कर जमा करने का उत्तरदायित्व संपत्ति मालिकों पर है। अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में निगम के पास स्व-मूल्यांकन के आधार पर केवल 13.5 लाख संपत्तियों का डेटाबेस उपलब्ध है। इस नए सर्वे के माध्यम से सभी इमारतों और खाली जमीनों का नया डेटाबेस तैयार किया जाएगा।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक निजी एजेंसी को चार एमसीडी ज़ोनों—करोल बाग, नरेला, रोहिणी और शाहदरा साउथ—के एक-एक वार्ड में मैपिंग और सर्वेक्षण का जिम्मा सौंपा गया है। मानसून के बाद शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट में प्रत्येक संपत्ति की लोकेशन, निर्मित क्षेत्र, मंजिलों की संख्या और संपत्ति कर की स्थिति को डिजिटल रूप में दर्ज किया जाएगा।

एक निगम अधिकारी ने बताया कि यह तकनीक उन मामलों का पता लगाने में मदद करेगी जहां मालिकों ने कर का भुगतान नहीं किया है या कम मंजिलों की जानकारी देकर निर्मित क्षेत्र को कम दर्शाया है। 3डी मैपिंग के जरिए एक ही प्लेटफॉर्म पर संपत्तियों के विवरण और कर रिकॉर्ड तक अधिकारियों की पहुंच आसान हो जाएगी।

नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट के लिए निजी एजेंसी के साथ बिना किसी वित्तीय लागत के समझौता किया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि यह प्रयोग करदाताओं की पहचान करने और राजस्व सुधारने में सफल होता है, तो इस मॉडल को पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा। इसके जरिए यह भी परखा जाएगा कि क्या तकनीक आधारित मैपिंग पारंपरिक फील्ड सर्वे की जगह ले सकती है।

इनसे संबंधितdelhi-ncrMCDDelhi NewsProperty Tax3D Mapping
शेयर

लेखक

टिप्पणियाँ

0

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें। टिप्पणियाँ शिष्टता के लिए संचालित होती हैं।

आगे पढ़ें

संबंधित कवरेज

दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंत में केवल 61 प्रतिशत चुनावी फॉर्म हुए डिजिटाइज1 हज़ार

दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंत में केवल 61 प्रतिशत चुनावी फॉर्म हुए डिजिटाइज

घर-घर सत्यापन का समय समाप्त होने के नजदीक पहुंचने के बावजूद दिल्ली में अब तक लगभग चार लाख डिजिटल प्रविष्टियां लंबित हैं।

दिल्ली में यमुना किनारे 31 मार्च 2027 तक बनेगी बाढ़ सुरक्षा दीवार, आईएंडएफसी विभाग ने एनजीटी को सौंपी रिपोर्ट307

दिल्ली में यमुना किनारे 31 मार्च 2027 तक बनेगी बाढ़ सुरक्षा दीवार, आईएंडएफसी विभाग ने एनजीटी को सौंपी रिपोर्ट

वर्ष 2023 की बाढ़ के दौरान हुए जलभराव को देखते हुए दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने एनजीटी के समक्ष सुरक्षा दीवार और बैराज प्रबंधन की रिपोर्ट पेश की है।

कांवड़ यात्रा: दिल्ली में देर रात बजते डीजे और ट्रैफिक जाम से निवासी परेशान, 11 अगस्त तक प्रभावित रहेंगे कई मार्ग1.1 हज़ार

कांवड़ यात्रा: दिल्ली में देर रात बजते डीजे और ट्रैफिक जाम से निवासी परेशान, 11 अगस्त तक प्रभावित रहेंगे कई मार्ग

राजधानी के विभिन्न हिस्सों में कांवड़ यात्रा के प्रवेश के साथ ही शोर और यातायात की समस्याएं सामने आने लगी हैं, जिस पर पुलिस और आरडब्ल्यूए आमने-सामने हैं।