सामग्री पर जाएँ
ताज़ा
दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय हेरोइन सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 60 करोड़ की खेप के साथ सात गिरफ्तारअंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच यूएई में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल, दिल्ली से ₹28 महंगा हुआ दुबई में डीजलआठ माह की बच्ची की हत्या के मामले में मां गिरफ्तार, रात में रोने पर साथी ने दबाया था गलात्योहारों से पहले नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली में बढ़ी पुलिस की मौजूदगी, सड़कों पर दिख रही ‘Visible Policing’ से बढ़ा भरोसादिल्ली में लग्जरी कार चोरी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब : AATS ने 4 ऑटो लिफ्टर दबोचे, Creta, Seltos, Scorpio-N समेत 4 SUV बरामदजंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आरोप में बंद कॉकरोच जनता पार्टी के दो नेता तिहाड़ से रिहा

दिल्ली में संपत्ति कर डिफॉल्टरों को पकड़ने के लिए 3D मैपिंग शुरू करेगा MCD

कर चोरी रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए दिल्ली नगर निगम चार ज़ोनों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
शेयर
3 अगस्त 2026 · 4:04 am3 हज़ार व्यूज़अपडेटेड 4:04 am
दिल्ली में संपत्ति कर डिफॉल्टरों को पकड़ने के लिए 3D मैपिंग शुरू करेगा MCD
दिल्ली में संपत्ति कर डिफॉल्टरों को पकड़ने के लिए 3D मैपिंग शुरू करेगा MCD — Hindustan Times

दिल्ली दर्पण ब्यूरो रिपोर्ट :- दिल्ली में संपत्ति कर न चुकाने वालों की पहचान करने और कर आधार का विस्तार करने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। इसके तहत 3डी मैपिंग और डिजिटल सर्वे के जरिए संपत्तियों की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। वरिष्ठ निगम अधिकारियों ने रविवार को इस नई योजना की जानकारी दी।

एमसीडी के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, दिल्ली में लगभग 32.5 लाख संपत्तियां कर के दायरे में आती हैं। इसके बावजूद वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक केवल 14 लाख संपत्तियों से ही संपत्ति कर प्राप्त हुआ है। दिल्ली नगर निगम अधिनियम की धारा 114 के तहत निर्मित भवनों और खाली जमीनों दोनों पर कर लगाया जा सकता है।

वर्ष 2004 में संपत्ति कर की गणना के लिए स्व-मूल्यांकन और यूनिट एरिया पद्धति लागू की गई थी, जिसके बाद से कर जमा करने का उत्तरदायित्व संपत्ति मालिकों पर है। अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में निगम के पास स्व-मूल्यांकन के आधार पर केवल 13.5 लाख संपत्तियों का डेटाबेस उपलब्ध है। इस नए सर्वे के माध्यम से सभी इमारतों और खाली जमीनों का नया डेटाबेस तैयार किया जाएगा।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक निजी एजेंसी को चार एमसीडी ज़ोनों—करोल बाग, नरेला, रोहिणी और शाहदरा साउथ—के एक-एक वार्ड में मैपिंग और सर्वेक्षण का जिम्मा सौंपा गया है। मानसून के बाद शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट में प्रत्येक संपत्ति की लोकेशन, निर्मित क्षेत्र, मंजिलों की संख्या और संपत्ति कर की स्थिति को डिजिटल रूप में दर्ज किया जाएगा।

एक निगम अधिकारी ने बताया कि यह तकनीक उन मामलों का पता लगाने में मदद करेगी जहां मालिकों ने कर का भुगतान नहीं किया है या कम मंजिलों की जानकारी देकर निर्मित क्षेत्र को कम दर्शाया है। 3डी मैपिंग के जरिए एक ही प्लेटफॉर्म पर संपत्तियों के विवरण और कर रिकॉर्ड तक अधिकारियों की पहुंच आसान हो जाएगी।

नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट के लिए निजी एजेंसी के साथ बिना किसी वित्तीय लागत के समझौता किया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि यह प्रयोग करदाताओं की पहचान करने और राजस्व सुधारने में सफल होता है, तो इस मॉडल को पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा। इसके जरिए यह भी परखा जाएगा कि क्या तकनीक आधारित मैपिंग पारंपरिक फील्ड सर्वे की जगह ले सकती है।

इनसे संबंधितdelhi-ncrMCDDelhi NewsProperty Tax3D Mapping
शेयर

लेखक

टिप्पणियाँ

0

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें। टिप्पणियाँ शिष्टता के लिए संचालित होती हैं।

आगे पढ़ें

संबंधित कवरेज

दिल्ली में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनेंगे तीन नए एफओबी और स्काईवॉक, 20 करोड़ रुपये होंगे खर्च1.4 हज़ार

दिल्ली में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनेंगे तीन नए एफओबी और स्काईवॉक, 20 करोड़ रुपये होंगे खर्च

लोक निर्माण विभाग शाहदरा में स्काईवॉक और जनकपुरी समेत तीन इलाकों में नए फुट ओवरब्रिज बनाएगा, झंडेवालान पुल का भी होगा पुनर्विकास।

दिल्ली में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी, हवा की गुणवत्ता लगातार दूसरे दिन 'खराब' श्रेणी में दर्ज713

दिल्ली में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी, हवा की गुणवत्ता लगातार दूसरे दिन 'खराब' श्रेणी में दर्ज

राजधानी के सभी मौसम केंद्रों पर रात के पारे में उछाल दर्ज किया गया, वहीं दशहरे के बाद प्रदूषण के स्तर में लगातार इजाफा बना हुआ है।

मेरठ में ठंड की दस्तक के साथ बढ़ा प्रदूषण, दिवाली से पहले AQI 230 पहुंचा1.4 हज़ार

मेरठ में ठंड की दस्तक के साथ बढ़ा प्रदूषण, दिवाली से पहले AQI 230 पहुंचा

मेरठ में तापमान में गिरावट और शुष्क मौसम के बीच वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंची, सांस के मरीजों की बढ़ी परेशानी।