मेरठ: हिस्ट्रीशीटरों को संरक्षण देने और लापरवाही के आरोप में चौकी प्रभारी लाइन हाजिर
ई-रिक्शा चालक पर हमले के मामले में सुनवाई न करने और हिस्ट्रीशीटरों को बचाने के आरोप में मेरठ पुलिस ने चौकी प्रभारी पर कार्रवाई की।
मेरठ जिले के मुंडाली थाना क्षेत्र स्थित शाफियाबाद लौटी पुलिस चौकी के प्रभारी शैलेंद्र सिंह जालौन को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चौकी प्रभारी पर इलाके में हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर शिथिलता बरतने और स्थानीय हिस्ट्रीशीटरों को बचाने के गंभीर आरोप लगे थे।
यह प्रशासनिक कार्रवाई एक ई-रिक्शा चालक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सामने आई लापरवाही के बाद हुई है। पीड़ित चालक पर हमले के बाद ग्रामीणों ने चौकी प्रभारी पर मामले को गंभीरता से न लेने और सुनवाई में कोई रुचि न दिखाने का आरोप लगाया था। ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ने पर मामले की औपचारिक शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से की गई थी।
ग्रामीणों के आक्रोश और स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (देहात) अवनीश कुमार सिंह ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। इस प्रकरण की विस्तृत जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) किठौर विश्व ज्योति राय को सौंपी गई थी। जांच अधिकारी ने मौके पर जाकर पूरे घटनाक्रम और चौकी स्तर पर हुई कार्रवाई की पड़ताल की।
जांच में चौकी प्रभारी की भूमिका और कार्यप्रणाली में स्पष्ट लापरवाही उजागर हुई। इसके बाद सीओ किठौर की रिपोर्ट के आधार पर एसपी देहात अवनीश कुमार सिंह ने शनिवार रात चौकी प्रभारी शैलेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करने का आदेश जारी कर दिया।
मामले से जुड़े घटनाक्रम के अनुसार, मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव अजराड़ा की मड़ैया में गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे ई-रिक्शा चालक साजिद पर जानलेवा हमला हुआ था। करीब 50 वर्षीय साजिद को तीन लोग सवारी बनकर ई-रिक्शा में बैठाकर जंगल की ओर ले गए थे। रास्ते में आरोपियों ने एक स्थानीय महिला से आगे का रास्ता भी पूछा था।
गांव से करीब 500 मीटर आगे ले जाने के बाद आरोपियों ने ई-रिक्शा को रोक दिया और साजिद को खींचकर ईंख के खेत में ले गए। वहां दो बदमाशों ने धारदार हथियार से उसकी गर्दन पर वार कर दिया। ग्रामीणों की तत्परता और शोर मचाने पर आरोपी साजिद को मरा समझकर लहूलुहान हालत में वहीं छोड़कर फरार हो गए थे।
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