मुजफ्फरनगर में किशोरी से दुष्कर्म के दो फरार आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, दोनों के पैर में लगी गोली
छपार क्षेत्र के जंगल में पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में घायल हुए दोनों आरोपी, अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने रविवार शाम मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। रेता नंगला के जंगल में हुई इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने दोनों घायलों को हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान सलमान और अव्वलीन के रूप में हुई है। पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि मामले में वांछित दोनों आरोपी रेता नंगला के जंगलों में छिपे हुए हैं। इस सूचना के आधार पर शाम करीब 5 बजे जब पुलिस बल ने इलाके की घेराबंदी की, तो आरोपियों ने पुलिस टीम को देखते ही गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
पुलिसकर्मियों द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी दिए जाने के बावजूद आरोपियों ने फायरिंग जारी रखी, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। इस गोलीबारी में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई और वे वहीं गिर पड़े। पुलिस का दावा है कि मौके से आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचे और कारतूस बरामद किए गए हैं, और इस संबंध में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह मामला कृष्ण जन्माष्टमी की रात का है जब मंदिर गई एक नाबालिग किशोरी के साथ कथित दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना के संबंध में पुलिस ने 5 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया था। इसके तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समीर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि उसके दो अन्य साथी लगातार फरार चल रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत अब तक कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में अग्रिम वैधानिक जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि रविवार दोपहर में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। मंत्री ने परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली थी और उन्हें न्याय, सुरक्षा तथा हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी मामले में की गई कार्रवाई की समीक्षा की थी, जिसके कुछ घंटे बाद ही यह मुठभेड़ हुई।
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