नोएडा में सार्वजनिक परिवहन का विस्तार: बेड़े में शामिल होंगी 10 नई ई-बसें, ऐप और चार्जिंग स्टेशन भी होंगे शुरू
नोएडा प्राधिकरण अगले महीने 10 नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत के साथ चार्जिंग स्टेशन, स्मार्ट बस शेल्टर और ट्रैकिंग ऐप की सुविधा देने जा रहा है।

नोएडा प्राधिकरण शहर में सार्वजनिक परिवहन और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अगले महीने अपने बस बेड़े में 10 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने जा रहा है। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए एक समर्पित मोबाइल ऐप, ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन और स्मार्ट बस शेल्टर भी स्थापित किए जाएंगे। प्राधिकरण का उद्देश्य शहर के भीतर और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक यात्रियों के सफर को सुगम बनाना है।
प्राधिकरण द्वारा इस नगर बस सेवा की शुरुआत इसी वर्ष 12 जून को की गई थी। वर्तमान समय में 50 इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा शहर के विभिन्न हिस्सों को जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जोड़ रहा है। शुरुआती चरणों में बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन, सेक्टर 62, फेज 2, मोरना, और सेक्टर 82 व 96 जैसे प्रमुख इलाकों को एयरपोर्ट से जोड़ा गया है।
उल्लेखनीय है कि 12 जून को ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी 11 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया था। ये बसें गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय से कुलेसरा हिंडन पुल, परी चौक से सेक्टर 37, जगत फार्म्स से रयान स्कूल चौराहे और राइज चौक से गौर सिटी चौराहे जैसे मार्गों पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक आर.पी. सिंह ने बताया कि यात्रियों की मांग के आधार पर बसों के बेड़े का लगातार विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य यात्रियों को नोएडा के भीतर और नोएडा एयरपोर्ट सहित अन्य गंतव्यों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
विस्तार योजना के तहत नोएडा प्राधिकरण शहर के विभिन्न इलाकों में 10 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित करेगा। ये चार्जिंग स्टेशन सेक्टर 62, 38ए, 142, 76, 82, 93बी, 126, 127, 135 और फेज 2 में बनाए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।
आर.पी. सिंह के अनुसार ये चार्जिंग स्टेशन केवल सिटी बस सेवा के लिए ही नहीं, बल्कि आम ई-वाहन चालकों के लिए भी उपलब्ध रहेंगे। प्राधिकरण ने इन स्टेशनों को मुख्य रूप से बहुराष्ट्रीय कंपनियों वाले क्षेत्रों में बनाने का फैसला किया है, जहां बड़ी संख्या में पेशेवर इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करते हैं।
यात्रियों को रीयल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप भी विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से यात्री बस रूट्स की जांच, समय-सारणी देखने और जीपीएस के जरिए बसों की रीयल-टाइम ट्रैकिंग कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त डिजिटल स्क्रीन से लैस हाई-टेक बस शेल्टर भी बनाए जाएंगे, जहां आगमन के समय और रूट की जानकारी प्रदर्शित होगी।
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टिप्पणियाँ
4संतुलित, अच्छी तरह प्रमाणित रिपोर्टिंग। इसीलिए मैं आज भी ख़बरों के लिए भुगतान करता हूँ।
इसे अपने परिवार के समूह में साझा किया। द्विभाषी टॉगल सचमुच उपयोगी है।
आगे क्या होगा वाला हिस्सा वही है जिसे सब छोड़ेंगे और सबको पढ़ना चाहिए।
आख़िरकार, ऐसी कवरेज जो पाठक की समझ का सम्मान करती है। धन्यवाद।