पानीपत में नगर निगम के दावों की खुली पोल, बंद पड़ी हैं 5 हजार स्ट्रीट लाइटें
पानीपत शहर की लगभग 5 हजार स्ट्रीट लाइटें खराब रहने से रात के समय सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पानीपत नगर निगम के शहर को जगमग करने के दावों के बीच धरातल पर हकीकत काफी अलग नजर आ रही है। शहर में लगी कुल करीब 30 हजार स्ट्रीट लाइटों में से लगभग 5 हजार लाइटें खराब पड़ी हैं। सूरज ढलते ही मुख्य मार्गों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक में अंधेरा छा जाने से नागरिकों में चोरी और झपटमारी जैसी वारदातों की आशंका बढ़ गई है।
स्ट्रीट लाइटों के बंद होने से परेशान लोग रोजाना नगर निगम के पास शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। निगम कार्यालय में हर रोज 70 से 80 शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। स्थानीय पार्षद भी सदन की बैठकों से लेकर अधिकारियों के दफ्तरों तक इस मुद्दे को बार-बार उठा चुके हैं, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
असंध रोड और हाली पार्क जाने वाले मार्ग पर कई जगह लाइटें बंद पड़ी हैं। प्रभाकर अस्पताल के सामने वाली गली में स्थिति इतनी खराब है कि रात के समय पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार हाली पार्क जाने वाली मुख्य सड़क पर अंधेरा रहने से टहलने आने वाले बुजुर्गों और महिलाओं को दिक्कत होती है।
ड्रेन नंबर-1 के साथ बनी सड़क भी पूरी तरह अंधेरे की चपेट में है। बबैल रोड निवासी राजेंद्र और विवेक के अनुसार स्ट्रीट लाइटें न जलने से रात में वाहन चलाना खतरनाक हो गया है। ड्रेन किनारे अंधेरा होने के कारण वहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे राहगीर रात में अकेले निकलने से कतराते हैं।
वीआईपी और पॉश इलाके सेक्टर-11 और 12 की आंतरिक व मुख्य सड़कों पर भी लाइटें हफ्तों से बंद हैं। स्थानीय निवासी सतीश और हरेंद्र का कहना है कि टैक्स देने के बाद भी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। शाम ढलते ही इन सेक्टरों में वॉक करना भी असुरक्षित महसूस होता है।
बिशनस्वरूप कॉलोनी में स्थिति छात्रों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है, जहां कई कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी स्थित हैं। देर रात पढ़ाई करके घर लौटने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को अंधेरी सड़कों से गुजरते समय भारी डर और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।
मामले में नगर निगम के एसडीओ देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन आने वाली शिकायतों के समाधान के लिए एचकेआरएम के तहत 30 से 32 कर्मचारी काम कर रहे हैं और लाइटों को तुरंत ठीक कराया जाता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने नई स्ट्रीट लाइटों के लिए टेंडर लगा दिया है, जिसके बाद प्राथमिकता के आधार पर सभी वार्डों की खराब लाइटों को बदला जाएगा।
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टिप्पणियाँ
3संतुलित, अच्छी तरह प्रमाणित रिपोर्टिंग। इसीलिए मैं आज भी ख़बरों के लिए भुगतान करता हूँ।
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आगे क्या होगा वाला हिस्सा वही है जिसे सब छोड़ेंगे और सबको पढ़ना चाहिए।