रोहतक: युवक की खुदकुशी के बाद परिजनों का शव लेने से इनकार, आरोपियों व पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी पर अड़े
हरियाणा के रोहतक जिले के मोखरा गांव में युवक द्वारा फांसी लगाने के मामले में परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई न करने और आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है।
हरियाणा के रोहतक जिले के गांव मोखरा में एक युवक द्वारा कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में परिजनों का आक्रोश सामने आया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद परिजनों ने शव को स्वीकार करने और अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। परिजनों की मांग है कि जब तक सभी नामजद आरोपियों और एक पुलिसकर्मी को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे शव नहीं लेंगे।
मृतक के भाई सचिन के अनुसार, पुलिस ने गांव के पांच आरोपियों—दीपक, संजय, अजय, आशु और पंकज के खिलाफ धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया है। परिजनों का आरोप है कि मामले में शामिल पुलिसकर्मी सतेंद्र के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके साथ ही परिजन मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ने की मांग कर रहे हैं।
घटना के क्रम के बारे में परिजनों ने बताया कि आरोपी आशु ने पहले मृतक सुरेश के साथ गाली-गलौज की और अगले दिन रास्ता रोककर मारपीट की थी। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मी सतेंद्र ने जबरन राजीनामा कराने का प्रयास किया। जब परिवार ने इससे इनकार कर दिया, तो पुलिसकर्मी ने मृतक की मां का कोरे कागज पर अंगूठा लगवा लिया।
मामले में मृतक के रिश्तेदार नरेंद्र ने पुलिस पर लीपापोती करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि परिजनों ने इस संबंध में डीएसपी से मुलाकात की थी, जहां डीएसपी ने पोस्टमार्टम के बाद सबूत मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। नरेंद्र का यह भी कहना है कि पुलिस परिवार को एफआईआर की प्रति तक नहीं दे रही है।
गांव के निवासी मंजीत मोखरा का कहना है कि सुरेश की मौत को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी और आरोपियों की प्रताड़ना से तंग आकर ही सुरेश ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। फिलहाल परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि वे आपसी सहमति से आगे के कदम पर फैसला लेंगे।
लेखक


टिप्पणियाँ
2इसे अपने परिवार के समूह में साझा किया। द्विभाषी टॉगल सचमुच उपयोगी है।
आगे क्या होगा वाला हिस्सा वही है जिसे सब छोड़ेंगे और सबको पढ़ना चाहिए।