कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क बंद करने के NDMC के आदेश पर तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के मद्देनजर एनडीएमसी द्वारा सेंट्रल पार्क बंद किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से मना किया।

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को बंद करने के नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। एनडीएमसी ने यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उठाया था।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिका पर तुरंत सुनवाई से मना करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी पक्षों में समझदारी कायम रहेगी। पीठ ने टिप्पणी की कि छोटे दुकानदार इन दिनों अपनी आजीविका कमाते हैं और अदालत इस बात से अवगत है कि इस तरह के कदमों से पूरे परिवारों को किस प्रकार की कठिनाई झेलनी पड़ती है।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि विरोध का अधिकार, मूंगफली बेचना और कानून-व्यवस्था की चिंताएं जैसे कई मुद्दे आपस में जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि कोई प्रदर्शन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना चाहता है और कोई कानून-व्यवस्था चाहता है, ये सभी बातें एक-दूसरे से संबंधित हैं।
पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस स्थिति के कारण व्यापार का नुकसान होता है, तो अदालत अपने संवैधानिक अधिकार क्षेत्र का प्रयोग कर सकती है। न्यायमूर्ति बागची ने संकेत दिया कि यदि एनडीएमसी का कदम गैर-आनुपातिक पाया जाता है, तो अदालत के पास मुआवजा कानून और सार्वजनिक कानून के तहत हस्तक्षेप करने का पूरा अधिकार है। इस मामले को 26 या 27 अक्टूबर को सूचीबद्ध किए जाने की संभावना जताई गई है।
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत में दलील दी थी कि एनडीएमसी ने गुरुवार देर रात सेंट्रल पार्क को बंद करने के निर्देश जारी किए थे। उनके अनुसार, इस आदेश के कारण इलाके में व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो गई हैं।
उल्लेखनीय है कि कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को व्यापारिक केंद्र कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज के साथ एकत्र होने का आह्वान किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सीजेपी सदस्य सौरव दास और आशुतोष रांका को केवल तिरंगा फहराने के कारण जेल भेजा गया है।
सौरव दास और आशुतोष रांका को शांति बांड का उल्लंघन करने और विरोध स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित किए जा चुके जंतर-मंतर पर कथित रूप से अनधिकृत प्रवेश करने के मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है।
लेखक




टिप्पणियाँ
0