सोनीपत के प्रॉपर्टी डीलर की नरेला में 16 गोलियां मारकर हत्या, परिजनों ने शव लेने से किया इनकार
गैंगस्टर से धमकी मिलने के चलते बुलेटप्रूफ गाड़ियां रखने वाले नाहरी निवासी प्रमोद की जिम के बाहर दो शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर जान ले ली।
सोनीपत के नाहरी गांव निवासी 40 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद की दिल्ली के नरेला इलाके में स्थित एक जिम के बाहर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। गुरुवार सुबह करीब सात बजे हुई इस वारदात में दो शूटरों ने प्रमोद पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 16 गोलियां लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया है।
प्रमोद हर रोज की तरह अपने बिजनेस पार्टनर पवन के साथ बाकनेर स्थित जिम पहुंचे थे। आमतौर पर अपनी लाइसेंसी बंदूक साथ रखने वाले प्रमोद ने जिम जाने के चलते हथियार गाड़ी में ही छोड़ दिया था। जैसे ही वे जिम के गेट पर पहुंचे, मोबाइल पर आए संदेश को देखने के लिए वे थोड़े धीमे हुए, तभी घात लगाए बैठे दो हमलावरों ने दोनों हाथों में पिस्टल लेकर उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।
परिजनों के अनुसार प्रमोद को अपनी जान पर खतरे की पहले से आशंका थी। इसी डर से उन्होंने अपनी डिफेंडर और एंडेवर गाड़ियों को मॉडिफाई कराकर बुलेटप्रूफ करवा रखा था। हालांकि, गुरुवार की सुबह वे बुलेटप्रूफ गाड़ियों की जगह सामान्य स्कॉर्पियो से ही जिम चले गए थे, जिसका फायदा हमलावरों ने उठा लिया।
परिजनों ने बताया कि प्रमोद को करीब तीन साल पहले एक कुख्यात गैंगस्टर से रंगदारी के लिए धमकी भरा फोन आया था। उस समय कुंडली थाना पुलिस को इस संबंध में लिखित शिकायत भी दी गई थी। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई।
प्रमोद का निजी जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा था। नौवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद बड़े भाई को मिली अनुकंपा नौकरी से घर चला। 12वीं के बाद प्रमोद ने खुद प्राइवेट बस में कंडक्टर और बाद में ड्राइवर के रूप में काम किया। करीब 15 साल पहले उन्होंने प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया था और गांव में एक मैरिज हॉल भी बनाया था।
हत्या की इस सनसनीखेज वारदात के बाद गांव नाहरी में भारी तनाव और शोक का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
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