दिल्ली जल बोर्ड की खूनी लापरवाही : अशोक विहार में सड़क पर बिछाया लोहे का पाइप, टकराकर स्कूटी सवार वेंटिलेटर पर पहुँचा!
-सिस्टम की नाकामी ने छीनी सांसें! दिल्ली जल बोर्ड के खिलाफ अशोक विहार थाने में FIR की मांग! - अशोक विहार में 'जंगल राज'! शिकायत के बाद भी नहीं जागे अफसर, अंधेरे में हुआ दर्दनाक हादसा!

-राजेंद्र स्वामी, दिल्ली दर्पण ब्यूरो
दिल्ली ,अशोक विहार : राजधानी दिल्ली में सरकारी विभागों की नाकामी अब सीधे आम जनता की जान पर भारी पड़ रही है। दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) की संवेदनहीनता और घोर लापरवाही का एक खौफनाक मंजर अशोक विहार फेज-2 में देखने को मिला, जहाँ सड़क पर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के बिछाए गए लोहे के पाइप की वजह से एक बड़ा हादसा हो गया। वजीरपुर गाँव का रहने वाला युवक सुरेंद्र इस हादसे में बुरी तरह घायल हो गया है और फिलहाल अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।
नाले की बर्बादी और सीवर का ज़हर :- अशोक विहार फेज-2 में जल बोर्ड के अजब-गजब कारनामे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, यहाँ पहले बिना किसी ठोस वजह के नाले को तोड़ा गया और फिर जैसा-का-तैसे बनाकर छोड़ दिया गया। हद तो तब हो गई जब ओवरफ्लो हो रहे सीवर का गंदा पानी खाली करने के लिए मोटे-मोटे लोहे के पाइप सड़क के बीचों-बीच बिछा दिए गए। इस गंदे पानी को सीधे उस नाले में गिराया जा रहा है, जिसकी खुद की कोई निकासी (Drainage) नहीं है। यह लापरवाही न सिर्फ महामारियों को न्योता दे रही है, बल्कि सड़क को एक जानलेवा स्पीड ब्रेकर में तब्दील कर चुकी थी।
अफसरों से नेताओं तक शिकायत, पर किसी ने नहीं सुनी :- सड़क के बीचों-बीच पड़ा यह लोहे का पाइप किसी काल से कम नहीं था। दिनभर में कई दुपहिया वाहन चालक इससे अनियंत्रित होकर गिरते रहे। परेशान और सहमे हुए स्थानीय निवासियों ने इसकी लिखित और मौखिक शिकायत दिल्ली जल बोर्ड के स्थानीय अधिकारियों, क्षेत्रीय विधायक और निगम पार्षद तक से की। बावजूद इसके, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।

स्ट्रीट लाइट बंद, सड़क पर बिखरा खून :- प्रशासन की इस बेरुखी का नतीजा कल देर शाम एक भयानक हादसे के रूप में सामने आया। वजीरपुर गाँव का निवासी सुरेंद्र रात के वक्त अशोक विहार फेज-2 में अपने दोस्त से मिलने आया था। इलाके की स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी थीं और चारों तरफ अंधेरा छाया हुआ था। अंधेरे के कारण सड़क पर पड़ा वह मोटा लोहे का पाइप सुरेंद्र को नज़र नहीं आया। तेज रफ्तार स्कूटी जैसे ही पाइप से टकराई, सुरेंद्र हवा में उछलकर काफी दूर जा गिरा।
हादसा इतना दर्दनाक था कि सड़क पर हर तरफ खून ही खून बिखर गया। राहगीरों ने तुरंत उसे नजदीकी विनायक अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे बड़े अस्पताल में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी स्थिति बेहद गंभीर है और वह वेंटिलेटर पर है।
"यहाँ सिस्टम फेल है, जंगल राज चल रहा है" :- घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने दिल्ली दर्पण टीवी की टीम को मौके पर बुलाया। बदहवास और आक्रोशित लोगों ने कैमरे पर अपना दर्द बयान करते हुए कहा कि वजीरपुर और अशोक विहार इलाके में कोई कानून-व्यवस्था या प्रशासनिक नियंत्रण नहीं बचा है। यहाँ पूरी तरह 'जंगल राज' कायम है, सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है और हर विभाग नकारा साबित हो रहा है।
मौके पर पहुँची पुलिस के सामने ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने दिल्ली जल बोर्ड के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ अशोक विहार थाने में आपराधिक मामला (FIR) दर्ज करने की पुरजोर मांग की है।

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