दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की मुठभेड़ के बाद बंबीहा व नंदू गैंग को हथियार मुहैया करवाने वाले आरोपी को धर दबोचा
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच डीसीपी संजीव यादव की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बंबीहा और कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग से जुड़े बदमाशों को हथियार मुहैया करवाने वाले वसीम उर्फ हाजी मेरठ निवासी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच डीसीपी संजीव यादव की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बंबीहा और कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग से जुड़े बदमाशों को हथियार मुहैया करवाने वाले वसीम उर्फ हाजी मेरठ निवासी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी कनाडा में बैठे गैंगस्टर दविंदरपाल सिंह उर्फ गोपी लहोरीया के निर्देश पर भी गैंगस्टर को हथियार सप्लाई करता था पुलिस ने उसके सहयोगी माजिद उर्फ अरमान सीलमपुर दिल्ली निवासी को भी एक दिन पहले दबोच लिया था आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल तीन कारतूस एक कार भी बरामद की है। क्राइम ब्रांच को मिली गुप्त सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर मान सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने मयूर विहार फ्लाईओवर सर्विस रोड अक्षरधाम की ओर पर जाल बिछाकर एक स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया तो खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस टीम ने भी हवाई फायर करने के बाद आरोपी हाजी वसीम को काबू कर दबोच लिया। पूछताछ ओर जांच में सामने आया कि वसीम ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान शाहरुख पठान को वही पिस्तौल मुहैया कराई थी, जिससे उसने पुलिसकर्मी पर गोली चलाई थी। 16 अगस्त 2026 को दिल्ली के छावला थाना क्षेत्र के दीनपूर गांव में उमेद सिंह के घर पर हुई फायरिंग की जांच के दौरान पूरे केस का खुलासा हुआ। पुलिस इस मामले में पहले ही पंजाब के दो शूटरों और एक अन्य साथी को गिरफ्तार कर चुकी थी, जिनकी निशानदेही पर हथियारों की सप्लाई करने वाले माजिद और मुख्य सप्लायर हाजी वसीम को भी दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी वसीम पर हत्या, हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट के 5 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। वहीं, माजिद पर 50 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं आगे की जांच जारी है ।


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