एलके आडवाणी अस्पताल में भर्ती: सीने में संक्रमण के बाद अपोलो अस्पताल में इलाज, हालत स्थिर
भाजपा के वरिष्ठ नेता और भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण के बाद नई दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानिए उनकी हेल्थ अपडेट और पूरी खबर।

नई दिल्ली | भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता, पूर्व उपप्रधानमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण (Chest Infection) की शिकायत के बाद नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में उनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
सीने में संक्रमण के बाद अस्पताल में भर्ती 98 वर्षीय लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार शाम स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद अपोलो अस्पताल लाया गया। उन्हें अस्पताल के पल्मोनरी (Pulmonary) विभाग में भर्ती किया गया है, जहां फेफड़ों और श्वसन रोग विशेषज्ञ उनकी निगरानी कर रहे हैं। उनकी आवश्यक चिकित्सीय जांचें भी की गई हैं।
डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, आडवाणी की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। डॉक्टर लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल उनकी सेहत को लेकर कोई गंभीर चिंता की बात सामने नहीं आई है।
इस वर्ष दूसरी बार अस्पताल में भर्ती वर्ष 2026 में यह दूसरी बार है जब लालकृष्ण आडवाणी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले भी उन्हें उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।
भारतीय राजनीति के वरिष्ठ नेता 8 नवंबर 1927 को कराची (वर्तमान पाकिस्तान) में जन्मे लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे कई बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में गृह मंत्री तथा वर्ष 2002 से 2004 तक भारत के उपप्रधानमंत्री रहे। वर्ष 2024 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

फिलहाल कैसी है तबीयत? डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर बनी हुई है। मेडिकल टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है। स्वास्थ्य में सुधार के आधार पर आगे की चिकित्सा प्रक्रिया तय की जाएगी।
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