मुखर्जी नगर में छात्राओं से छेड़छाड़ और कार से पीछा करने के आरोप में डीयू के दो लॉ छात्र गिरफ्तार
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में दो छात्राओं का पीछा करने और अभद्रता करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा, तीसरा फरार।

उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में दिल्ली विश्वविद्यालय की दो छात्राओं का कथित तौर पर पीछा करने और उनके साथ छेड़छाड़ करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घटना के समय सफेद रंग की एसयूवी चला रहा तीसरा आरोपी फिलहाल फरार है।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पश्चिम) आकांक्षा यादव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अभिमन्यु और अभिनव के रूप में हुई है, जबकि नमन नाम का तीसरा संदिग्ध अभी पकड़ से बाहर है। पुलिस के मुताबिक, यह तीनों आरोपी दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय (फैकल्टी ऑफ लॉ) के छात्र हैं।
यह घटना बुधवार रात करीब 9:30 बजे उस समय हुई जब दोनों छात्राएं हकीकत पार्क के पास थीं। पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, छात्राएं हकीकत पार्क से ओल्ड गुप्ता कॉलोनी की ओर पैदल जा रही थीं, तभी एक सफेद एसयूवी उनके पास आकर रुकी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, गाड़ी में सवार युवकों ने खिड़की का शीशा नीचे कर छात्राओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और कहा कि 'तुम पर लाल रंग अच्छा लगता है'। जब छात्रा ने इसका विरोध किया और अभद्रता न करने को कहा, तो आरोपी आक्रामक हो गए और उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी।
पीड़ित छात्रा ने बताया कि जब उन्हें अहसास हुआ कि एसयूवी लगातार उनका पीछा कर रही है, तो वे गाड़ी का वीडियो बनाने के लिए ओल्ड गुप्ता कॉलोनी के पास रुक गईं। इसके बाद एसयूवी भी रुक गई और उसमें सवार युवकों ने कथित तौर पर छात्राओं को गाड़ी के भीतर खींचने की कोशिश की। हालांकि, छात्रा की सहेली द्वारा फोन निकालते ही आरोपी वाहन लेकर वहां से फरार हो गए।
इस घटना के बाद मुखर्जी नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 78 (पीछा करना), 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से किया गया कृत्य या शब्द) और 3(5) (साझा मंशा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना में इस्तेमाल एसयूवी को बाहरी दिल्ली के भलस्वा डेयरी स्थित एक पार्किंग क्षेत्र से बरामद कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार, जब्त की गई एसयूवी पर पहले से 33,000 रुपये के कम से कम 18 चालान लंबित पाए गए हैं। इनमें से ज्यादातर चालान तेज गति से वाहन चलाने और शीशों पर काली फिल्म (टिंटेड ग्लास) लगाने के कारण जारी किए गए थे।
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