रोहिणी सेक्टर-22 में नलों से आ रहा काला और बदबूदार पानी, लोगों ने जल बोर्ड पर लगाए लापरवाही के आरोप
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-22 में कई दिनों से काला और बदबूदार पानी आने से लोग परेशान हैं। स्थानीय RWA ने वीडियो जारी कर दिल्ली जल बोर्ड पर लापरवाही का आरोप लगाया है। विभाग ने शिकायत मिलने के बाद जांच और जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।

दिल्ली के इस पॉश इलाके में नलों से आ रहा 'काला ज़हर', सीवर जैसे बदबूदार पानी से जनता बेहाल, दिल्ली जल बोर्ड पर फूटा गुस्सा रोहिणी, दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली का एक बेहद पॉश इलाका इन दिनों गंभीर जल संकट और महामारी के मुहाने पर खड़ा है। मामला उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 22 का है, जहां पिछले कई हफ्तों से दिल्ली जल बोर्ड (DJB) द्वारा बेहद गंदे, काले और बदबूदार पानी की आपूर्ति की जा रही है। स्थानीय निवासियों और RWA का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद दिल्ली जल बोर्ड के आला अधिकारी आंखें मूंदे हाथ पर हाथ धरकर बैठे हैं।
RWA ने वीडियो जारी कर खोली दावों की पोल रोहिणी सेक्टर 22 के पॉकेट 1 की स्थानीय रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने मीडिया के सामने आकर दिल्ली जल बोर्ड के दावों की धज्जियां उड़ा दीं। RWA के पदाधिकारियों ने अपने घरों के नलों से आ रहे पानी का लाइव वीडियो बनाकर मीडिया से साझा किया।
इस वीडियो को देखकर किसी के भी होश उड़ जाएंगे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जैसे ही घर का नल खोला जाता है, उसमें से साफ पानी की जगह बिल्कुल गाढ़ा काला पानी निकल रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस पानी से सीवर जैसी तीखी और असहनीय बदबू आ रही है, जिससे घरों में खड़ा रहना भी दूभर हो गया है।
बीमारियों का तांडव, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित 'हर घर स्वच्छ जल' और 'मुफ्त पानी' का दम भरने वाली सरकार के दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि यह पानी पीना तो दूर, नहाने और कपड़े धोने के लायक भी नहीं है। इस दूषित पानी के इस्तेमाल के कारण इलाके में स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि घरों में यह पानी आने के बाद से बच्चों और बुजुर्गों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और त्वचा (स्किन इन्फेक्शन) से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। लोगों का आरोप है कि फ्री पानी के नाम पर दिल्ली जल बोर्ड हर घर में बीमारी और महामारी परोस रहा है।
"स्थिति वाकई चिंताजनक है। नल खोलते ही नाले जैसा काला पानी आ रहा है जिसमें से सीवर जैसी भयानक बदबू आती है। हमने खुद इसका वीडियो बनाकर प्रशासनिक अधिकारियों और मीडिया को दिखाया है। दिल्ली जल बोर्ड हमारी जान से खिलवाड़ कर रहा है।" — सतेंद्र चिकारा, प्रधान (RWA पॉकेट 1, रोहिणी सेक्टर 22)
जनता पर पड़ा दोहरा आर्थिक बोझ गंदे पानी की इस समस्या ने स्थानीय लोगों का मासिक बजट भी बिगाड़ कर रख दिया है। निवासियों का कहना है कि पानी की एक-एक बूंद के लिए उन्हें अब मार्केट से पानी के कमर्शियल गैलन (कैन) खरीदकर लाने पड़ रहे हैं। एक तरफ जहां भारी-भरकम टैक्स देने के बाद भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पीने के पानी के लिए जेब से अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
शिकायत के बाद हरकत में आया विभाग, मिला आश्वासन मामला बढ़ने और मीडिया में सुर्खियां बनने के बाद दिल्ली जल बोर्ड के स्थानीय अधिकारियों की नींद टूटी है। रोहिणी सेक्टर 22 के एरिया जेई (JE) ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन में लीकेज या सीवर मिक्सिंग की जांच की जा रही है और जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान कर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय जनता का कहना है कि जब तक जमीनी स्तर पर साफ पानी नहीं आता, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। रिपोर्ट: मुकेश राणा, दिल्ली
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टिप्पणियाँ
4क्षेत्रीय असर पर थोड़ा और होता तो अच्छा था, पर कुल मिलाकर मज़बूत लेख।
संतुलित, अच्छी तरह प्रमाणित रिपोर्टिंग। इसीलिए मैं आज भी ख़बरों के लिए भुगतान करता हूँ।
इसे अपने परिवार के समूह में साझा किया। द्विभाषी टॉगल सचमुच उपयोगी है।
आगे क्या होगा वाला हिस्सा वही है जिसे सब छोड़ेंगे और सबको पढ़ना चाहिए।