पेपर लीक और लाठीचार्ज के मुद्दे पर केंद्र पर बरसे अरविंद केजरीवाल, पीएम मोदी से की बातचीत की अपील
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से दमनकारी रवैया छोड़ने की मांग की है।

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश के युवाओं की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। पंजाब से जारी एक वीडियो संदेश के माध्यम से उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और जनपथ पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन युवाओं के साथ अन्याय कर रही है।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में युवा एकत्र हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार युवाओं की बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज करवा रही है, इंटरनेट सेवाएं बंद कर रही है और उन्हें संसद जाने से रोक रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से गलत बताया है।
वीडियो संदेश में केजरीवाल ने परीक्षाओं के आयोजन और पेपर लीक की समस्या पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले परीक्षाओं के पेपर लीक हो जाते हैं और फिर बार-बार री-इवैल्युएशन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी अनिश्चितता के बीच देश के छात्र आखिर कहां जाएं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को अपना अहंकार छोड़कर इन बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनसे खुद बैठकर बातचीत करनी चाहिए। केजरीवाल के अनुसार, सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे ये बच्चे हमारे अपने ही देश के हैं जो सिर्फ न्याय की मांग कर रहे हैं।
इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी छात्रों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों बच्चे सुबह तीन बजे उठकर और दिन में चौदह-चौदह घंटे की कठिन पढ़ाई करके नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अमीर और रसूखदार लोग परीक्षा से दो दिन पहले ही पेपर लीक करवाकर उसे खरीद लेते हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि वे जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के इस आंदोलन का पूरा समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि वे और उनकी सरकार इन छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
लेखक


टिप्पणियाँ
4इसे अपने परिवार के समूह में साझा किया। द्विभाषी टॉगल सचमुच उपयोगी है।
आगे क्या होगा वाला हिस्सा वही है जिसे सब छोड़ेंगे और सबको पढ़ना चाहिए।
आख़िरकार, ऐसी कवरेज जो पाठक की समझ का सम्मान करती है। धन्यवाद।
क्षेत्रीय असर पर थोड़ा और होता तो अच्छा था, पर कुल मिलाकर मज़बूत लेख।