भरतपुर: पूर्व राजपरिवार पर बयानबाजी को लेकर बढ़ा विवाद, होटल कारोबारी ने किसान नेता को दी चुनौती
भरतपुर में विश्वेंद्र सिंह और किसान नेता नेम सिंह के बीच छिड़ी जुबानी जंग में अब होटल कारोबारी भगत सिंह ने वीडियो जारी कर कड़े आरोप लगाए हैं।
भरतपुर में पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेंद्र सिंह और किसान नेता नेम सिंह फौजदार के बीच सोशल मीडिया पर बयानों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। इस सियासी व सामाजिक खींचतान के बीच होटल कारोबारी भगत सिंह का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में उन्होंने नेम सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें खुली चुनौती दी है।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में भगत सिंह ने कहा कि नेम सिंह द्वारा विश्वेंद्र सिंह को टारगेट करने से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि भरतपुर का गौरवशाली इतिहास पूरी दुनिया में जाना जाता है। कारोबारी ने आरोप लगाया कि नेम सिंह हर मुद्दे को बेवजह जाट और गुर्जर समाज का विवाद बना देते हैं।
भगत सिंह ने हाल ही में सांसद संजना जाटव का नाम लिए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूर्व राजपरिवार और उनके पूर्वजों के जाटव समाज के साथ मधुर संबंधों से सभी लोग भली-भांति वाकिफ हैं। इसके साथ ही उन्होंने नेम सिंह की राजनीति करने की शैली पर सवाल उठाए।
कारोबारी ने करीब चार महीने पुरानी एक घटना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि एक प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े व्यक्ति की बात को तूल देकर हनुमान बेनीवाल को उकसाकर भरतपुर बुलाया गया था। उन्होंने दावा किया कि उस सभा के आयोजन के लिए आरक्षण के मुद्दे का सहारा लिया गया और लोगों को बरगलाया गया था। इस संदर्भ में उन्होंने सभा के आयोजक ब्रजेश सिंह के बयानों का भी हवाला दिया।
वीडियो के अंत में भगत सिंह ने नेम सिंह और ब्रजेश सिंह को घने के गेट के सामने वाली सड़क पर आने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि दोनों समय तय कर लें और वहां से निकलकर दिखाएं। अपने निजी अनुभव का जिक्र करते हुए कारोबारी ने बताया कि उन्होंने भी कभी विश्वेंद्र सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था, जिसके बाद उनके चार करोड़ रुपये के टेंडर निरस्त करा दिए गए थे, लेकिन उन्होंने इसका कभी मलाल नहीं किया।
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