रोहतक में 1 नवंबर को भाजपा और आप के अलग-अलग मार्च, सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट
हरियाणा के रोहतक में भाजपा और आम आदमी पार्टी के अलग-अलग मार्च के चलते प्रशासन के सामने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की चुनौती खड़ी हो गई है।

हरियाणा के रोहतक शहर में 1 नवंबर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) के अलग-अलग मार्च आयोजित होने जा रहे हैं। एक ही दिन दोनों प्रमुख दलों के कार्यक्रमों के चलते शहर में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन के लिए यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
प्रशासन के सामने दोनों दलों के मार्च के रूट और समय में सामंजस्य बैठाने का काम है, ताकि आम जनता के आवागमन में कम से कम व्यवधान हो। अधिकारियों का मुख्य प्रयास किसी भी तरह की संभावित कानून-व्यवस्था की समस्या को टालने और स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने पर केंद्रित रहेगा।
भाजपा की ओर से यह मार्च मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निकाला जा रहा है। इस मार्च का नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख के रूप में नियुक्त होने के बाद पहली बार रोहतक आ रहे नितिन नबीन करेंगे। भाजपा के इस कार्यक्रम में पूरे हरियाणा से पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है, जिससे पार्टी को अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाने का अवसर भी मिलेगा।
कार्यक्रम की रूपरेखा पेश करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने शुक्रवार को रोहतक में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया। उन्होंने इस दौरान कांग्रेस पार्टी पर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के खिलाफ अशांति और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मार्च मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर पार्टी का रुख सामने रखने का माध्यम बनेगा।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने हरियाणा में बढ़ते नशे के मुद्दे पर रोहतक में अलग से मार्च निकालने की घोषणा की है। इस मार्च के जरिए आप राज्य की नायब सिंह सैनी सरकार को नशे की समस्या पर घेरने की तैयारी में है। शुक्रवार को रोहतक में मौजूद आप पदाधिकारी सुशील गुप्ता ने मीडिया से बात करते हुए पार्टी की रणनीति और कार्यक्रम की जानकारी साझा की।
सुशील गुप्ता ने कहा कि पार्टी इस मार्च के माध्यम से नशाखोरी की गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराना चाहती है और सरकार पर ठोस कार्रवाई के लिए दबाव बनाएगी। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता शहर में उतरकर राज्य सरकार के खिलाफ अपनी बात रखेंगे।
इसके अतिरिक्त, 1 नवंबर को ही दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की भी एक रैली प्रस्तावित है। एक वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी के अनुसार, दिल्ली से सटे हरियाणा के जिलों से इस रैली के लिए एक लाख से अधिक लोगों को जुटाया जाएगा। इस तरह 1 नवंबर का दिन हरियाणा के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक घटनाक्रमों के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है।
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