दिल्ली में 45 जेजे क्लस्टरों का होगा इन-सीटू पुनर्वास, डीडीए ने शुरू की 21 हजार परिवारों के लिए प्रक्रिया
डीडीए ने 45 झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर्स की नियुक्ति को लेकर प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने राजधानी की 45 झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों के इन-सीटू पुनर्वास की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। इस योजना के दायरे में करीब 21,229 परिवार आएंगे, जिससे लगभग एक लाख से अधिक नागरिकों को पक्के मकान मिलने की उम्मीद है। इस कदम से न केवल झुग्गीवासियों को उनके मौजूदा स्थान पर बेहतर आवास मिलेगा, बल्कि अतिरिक्त आवासीय और वाणिज्यिक निर्माण के लिए जमीन भी उपलब्ध होगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस पुनर्विकास परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए डीडीए ने एक रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी किया है। इसके तहत तीन ट्रांजेक्शन एडवाइजर्स नियुक्त किए जाएंगे, जो 135.74 एकड़ में फैले इन 45 क्लस्टरों से जुड़े 15 प्रोजेक्ट्स की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेंगे। यह क्लस्टर राजधानी के विभिन्न इलाकों में स्थित हैं।
सलाहकार फर्मों का चयन आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) या नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कॉरपोरेशन (एनएलएमसी) के साथ सूचीबद्ध कंपनियों में से किया जाएगा। ये सलाहकार संबंधित बस्तियों के पुनर्वास संबंधी जरूरतों, विकास की संभावनाओं और बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं का विस्तृत अध्ययन करेंगे। इसके साथ ही परियोजनाओं की वित्तीय व्यवहार्यता की भी समीक्षा की जाएगी।
डीडीए के अधिकारियों ने बताया कि इन फिजिबिलिटी रिपोर्टों के जरिए परियोजनाओं को तकनीकी और वित्तीय रूप से टिकाऊ मॉडल पर लागू करने का खाका तैयार होगा। योजना के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पात्र निवासियों को दूरदराज के क्षेत्रों में विस्थापित किए बिना उसी जगह बहुमंजिला इमारतों में बेहतर आवास उपलब्ध कराया जाए।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा अगस्त में अधिसूचित मास्टर प्लान ऑफ दिल्ली 2047 (एमपीडी-2047) के तहत शहर में उच्च-घनत्व और बहुमंजिला विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस मास्टर प्लान में शहर के 650 से अधिक जेजे क्लस्टरों में रह रहे लगभग 17 लाख लोगों के पुनर्वास की परिकल्पना की गई है। डीडीए का मानना है कि इन-सीटू मॉडल से झुग्गीवासियों के जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ शहर में नए आवासीय और व्यावसायिक अवसरों का भी विस्तार होगा।
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