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दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पेपर लीक के सभी लंबित मामले राउज एवेन्यू की फास्ट-ट्रैक अदालत में होंगे ट्रांसफर

लोक परीक्षा कानून 2024 के तहत दर्ज सभी मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए उच्च न्यायालय ने मामलों को विशेष अदालत में भेजने की अधिसूचना जारी की।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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10 सितंबर 2026 · 1:16 pm2.8 हज़ार व्यूज़
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पेपर लीक के सभी लंबित मामले राउज एवेन्यू की फास्ट-ट्रैक अदालत में होंगे ट्रांसफर
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पेपर लीक के सभी लंबित मामले राउज एवेन्यू की फास्ट-ट्रैक अदालत में होंगे ट्रांसफर — Hindustan Times

दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजधानी की विभिन्न अदालतों में लंबित प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और नकल से जुड़े सभी मामलों को राउज एवेन्यू स्थित विशेष फास्ट-ट्रैक अदालत में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। यह कदम लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत दर्ज मुकदमों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

उच्च न्यायालय की रजिस्ट्रार (विजिलेंस) कावेरी बावेजा की ओर से मंगलवार को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया कि मुख्य न्यायाधीश ने इन मामलों को तत्काल स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। निर्देश के तहत दिल्ली की किसी भी अदालत में 2024 के इस कानून से संबंधित लंबित सभी विविध कार्यवाहियों, जांचों और मुकदमों को तुरंत प्रभाव से वापस लेकर नामित अदालत को सौंपा जाएगा।

अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस कानून के तहत दर्ज होने वाली सभी नई प्राथमिकियों और उनसे जुड़ी आगे की कार्यवाहियों की सुनवाई भी अब विशेष अदालत ही करेगी। उच्च न्यायालय के इस निर्णय के बाद विभिन्न जिला अदालतों में लंबित सभी मामले अब एक ही अदालत के न्यायिक दायरे में आ गए हैं।

प्रशासनिक स्तर पर यह कदम कानून में हाल ही में शामिल की गई धारा 12ए के मद्देनजर उठाया गया है। इस प्रावधान के अनुसार, अधिनियम के तहत आने वाले अपराधों की जांच सूचना दर्ज होने की तारीख से दो महीने के भीतर पूरी की जानी अनिवार्य है, जिससे एक समर्पित फास्ट-ट्रैक न्यायिक तंत्र की जरूरत बन गई थी।

इससे पहले विशेष अदालत को अन्य जिला अदालतों के मुकदमों को लेकर क्षेत्राधिकार संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पिछले सप्ताह एक मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने सवाल उठाया था कि क्या उच्च न्यायालय के औपचारिक आदेश के बिना विशेष अदालत अन्य अदालतों में चल रहे मामलों की सुनवाई कर सकती है।

दरअसल, विशेष अदालत के गठन से संबंधित प्रारंभिक आदेश में केवल राउज एवेन्यू परिसर में लंबित मामलों को सौंपने का उल्लेख था, जबकि अन्य जिला अदालतों के मुकदमों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। मंगलवार को जारी ताजा अधिसूचना ने इस प्रक्रियात्मक भ्रम को दूर करते हुए पूरी दिल्ली के मामलों की सुनवाई का रास्ता साफ कर दिया है।

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