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दिल्ली जल बोर्ड के 'जल मंथन' में बनी जल सुरक्षा की रूपरेखा, एआई और स्मार्ट मीटरिंग से रुकेगी लीकेज

दो दिवसीय सम्मेलन में चौबीसों घंटे जलापूर्ति, यमुना के कायाकल्प और अत्याधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर तैयार हुआ 'जल संकल्प'।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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17 सितंबर 2026 · 3:25 am1.3 हज़ार व्यूज़
दिल्ली जल बोर्ड के 'जल मंथन' में बनी जल सुरक्षा की रूपरेखा, एआई और स्मार्ट मीटरिंग से रुकेगी लीकेज
दिल्ली जल बोर्ड के 'जल मंथन' में बनी जल सुरक्षा की रूपरेखा, एआई और स्मार्ट मीटरिंग से रुकेगी लीकेज — Dainik Bhaskar

राजधानी दिल्ली में निर्बाध और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ यमुना के पुनरुद्धार के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन 'जल मंथन 2026' के समापन पर जल सुरक्षा को लेकर यह रूपरेखा सामने आई। 15 और 16 सितंबर को चले इस मंथन में शहर को 24 घंटे पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने के उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के विशेषज्ञों के अलावा इजराइल, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फ्रांस के जल प्रबंधन विशेषज्ञों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इसके साथ ही विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक के प्रतिनिधि भी इस विमर्श का हिस्सा बने। वैश्विक विशेषज्ञों ने दिल्ली की भौगोलिक स्थिति और जरूरतों के अनुकूल रणनीतियों पर अपने अनुभव साझा किए।

सम्मेलन के दौरान जलापूर्ति नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और पानी की बर्बादी रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया। वितरण प्रणाली में लीकेज की समस्या से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डिजिटल ट्विन और स्मार्ट मीटरिंग जैसी उन्नत प्रणालियों को अपनाने की सिफारिश की गई है। इन तकनीकों के प्रयोग से जल रिसाव की निगरानी और प्रबंधन अधिक सटीक हो सकेगा।

बैठक में उपचारित अपशिष्ट जल और कीचड़ के पुन: उपयोग तथा पुनर्चक्रण को लेकर भी आम सहमति बनी। शोधित जल का इस्तेमाल बागवानी और अन्य गैर-पेय कार्यों में करने की योजना है। इस व्यवस्था से ताजे पानी की मांग में कमी आएगी और यमुना नदी पर पड़ रहा दबाव भी कम होगा।

सम्मेलन में सर्कुलर वॉटर इकोनॉमी, डिजिटल जल बोर्ड, वित्तीय स्थिरता और कुशल कार्यबल के विकास जैसे अहम विषयों पर भी मंथन किया गया। विभिन्न कार्य समूहों द्वारा दिए गए सुझावों को 'जल संकल्प' के रूप में संकलित किया गया है, जिसके आधार पर आने वाले समय में जमीनी स्तर पर कार्ययोजना लागू की जाएगी।

जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि 'जल मंथन' का मुख्य उद्देश्य केवल वैचारिक चर्चा तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि दुनिया की बेहतरीन तकनीकों को दिल्ली की जरूरतों के अनुसार धरातल पर उतारना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य हर घर तक गुणवत्तापूर्ण पानी पहुंचाना और यमुना की स्थिति में प्रत्यक्ष सुधार लाना है।

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