जंतर-मंतर पर भीड़ का वायरल वीडियो पुराना, दिल्ली पुलिस ने भ्रामक दावों को किया खारिज
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को 20 जुलाई का बताते हुए सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर भारी भीड़ जुटने का दावा करने वाले एक वायरल वीडियो को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर दावा किया गया था कि सुबह सात बजे ही वहां भारी भीड़ जमा हो गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो भ्रामक है और वास्तव में 20 जुलाई को हुए पिछले प्रदर्शन के दौरान का है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक उपयोगकर्ता ने वीडियो साझा करते हुए लिखा था कि सुबह के सात बजे हैं और पार्टी अभी शुरू हुई है। इस पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली पुलिस ने इसे पुराना वीडियो करार दिया। पुलिस ने कहा कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के फुटेज का इस्तेमाल कर भीड़ के आकार को लेकर फर्जी विमर्श गढ़ा जा रहा है, इसलिए लोग इस तरह की भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पूरी दिल्ली में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। राजधानी के विभिन्न इलाकों में दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के 40,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा कई प्रमुख स्थानों पर बैरिकेड्स और स्पाइक स्ट्रिप्स लगाए गए हैं, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा देखी गई।
शहर में लगे कड़े प्रतिबंधों पर दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के अनुसार नई दिल्ली क्षेत्र में महत्वपूर्ण संस्थान और संवैधानिक संस्थाओं के कार्यालय स्थित हैं, ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है। बयान में जुलाई के प्रदर्शन का हवाला देते हुए बताया गया कि तब एक दिन की अनुमति लेकर एक महीने तक धरना दिया गया था, जिसमें 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे और 2,000 से अधिक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग शामिल हुए थे।
पुलिस प्रशासन ने यह भी रेखांकित किया कि पिछले सप्ताह जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों द्वारा महिला सिपाहियों के साथ छेड़छाड़ और मारपीट की गई थी। इसके अलावा जंतर-मंतर का क्षेत्र काफी सीमित है और वहां केवल लगभग एक हजार लोगों के ही जुटने की क्षमता है। अधिकारियों ने कहा कि देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की राजधानी को हर बार विरोध प्रदर्शनों के कारण ठप नहीं किया जा सकता।
सीजेपी और उसके समर्थक मतदाता सूची के एसआईआर में कथित अनियमितताओं के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित कर रहे हैं। इस बीच पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पार्टी के प्रमुख नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही हिरासत में ले लिया।
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