ब्रिक्स सम्मेलन: दिल्ली में 35 से अधिक सड़कों पर रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
राजधानी में वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही को देखते हुए 22 प्रमुख बिंदुओं पर रूट डायवर्ट किए जाएंगे, 4800 यातायात पुलिसकर्मी संभालेंगे कमान।

नई दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक यातायात प्रबंधन योजना तैयार की है। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और वीवीआईपी काफिलों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए शहर की 35 से अधिक सड़कों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। सम्मेलन की तैयारियों को परखने के लिए बुधवार शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक सुरक्षा काफिले का पूर्वाभ्यास किया जाएगा, जिसके दौरान 22 मुख्य बिंदुओं पर यातायात डायवर्ट रहेगा।
ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, सरदार पटेल मार्ग, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, तीस जनवरी मार्ग, मथुरा रोड, जनपथ, बाराखंभा रोड और शांति पथ सहित कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहेगा। धौला कुआं, मोती बाग, लोधी रोड, नीला गुंबद और मंडी हाउस जैसे प्रमुख चौराहों पर स्थिति के अनुसार डायवर्जन लागू किया जाएगा। धौला कुआं फ्लाईओवर पर सरदार पटेल मार्ग की ओर जाने वाले ट्रैफिक को जरूरत पड़ने पर एनएच-48, वंदे मातरम मार्ग या रिंग रोड की ओर मोड़ा जाएगा।
सम्मेलन के दौरान केवल भारत मंडपम के आसपास ही नहीं, बल्कि पूरी दिल्ली और एनसीआर के प्रमुख हिस्सों में यात्रियों को अतिरिक्त समय लग सकता है। नोएडा और पूर्वी दिल्ली से मध्य दिल्ली आने वाले लोगों तथा द्वारका से धौला कुआं और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। इसके अलावा साकेत स्थित होटल में ठहरे मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही से दक्षिण दिल्ली की सड़कों, विशेषकर पीक आवर्स में, दबाव बढ़ने की संभावना जताई गई है।
हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशनों और अंतर्राज्यीय बस अड्डों की ओर जाने वाले यात्रियों को समय से पहले निकलने की सलाह दी गई है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को पुलिस ने सड़क मार्ग के बजाय दिल्ली मेट्रो का उपयोग करने का सुझाव दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी, जबकि कुछ डीटीसी बस मार्गों को काफिले की आवाजाही के समय अल्पकाल के लिए बदला जा सकता है।
यातायात अधिकारियों ने बताया कि यह प्रतिबंध पूरे दिन स्थाई रूप से लागू नहीं रहेंगे, बल्कि वीवीआईपी काफिलों के गुजरने के समय ही सड़कों पर आवाजाही रोकी जाएगी। इस व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए ऑनलाइन मैप सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय किया गया है ताकि नेविगेशन ऐप पर डायवर्जन के ताजा अपडेट मिल सकें। साथ ही कैब एग्रीगेटर्स को प्रतिबंधित क्षेत्रों में पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंध वाली सड़कों के 200 मीटर के दायरे में सड़क किनारे वाहन खड़े करने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। वाहन चालकों को अधिकृत पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे सम्मेलन के दौरान सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 4,800 यातायात पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
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