दिल्ली विश्वविद्यालय ने कॉलेजों से मांगी सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट, 12 अक्टूबर तक देनी होगी जानकारी
परिसरों में सीसीटीवी, लाइटिंग और महिला सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए डीयू प्रशासन ने सभी संस्थानों को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने अपने सभी संबद्ध कॉलेजों, विभागों और छात्रावासों में व्यापक सुरक्षा मूल्यांकन करने के निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन सभी संस्थानों से 12 अक्टूबर तक विस्तृत सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य परिसरों में प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े प्रबंधों को मजबूत करना है।
डीयू के प्रॉक्टर मनोज सिंह ने शुक्रवार को कॉलेज प्राचार्यों, डीन, निदेशकों, विभागाध्यक्षों, छात्रावास प्रोवोस्ट, वार्डन और रेजिडेंट ट्यूटरों के साथ एक ऑनलाइन बैठक की। बैठक के बाद जारी बयान में उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के कॉलेज और परिसर पूरी दिल्ली में फैले हुए हैं। प्रशासन का लक्ष्य पहले जमीनी स्तर पर यह डेटा जुटाना है कि कहां क्या सुधार किए जाने की आवश्यकता है।
प्रॉक्टर के अनुसार, संकलित की गई इस रिपोर्ट को दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा, ताकि परिसर और महिला सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जा सकें। सभी संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे महिलाओं की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को रेखांकित करते हुए 12 अक्टूबर की शाम 5 बजे तक अपनी रिपोर्ट डिजिटल या हार्ड कॉपी प्रारूप में जमा करें।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिकारियों को परिसरों में ब्लाइंड स्पॉट्स की पहचान करने और खराब पड़ी लाइटों को तत्काल ठीक कराने को कहा है। इसके अलावा कम रोशनी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें लगाने और रणनीतिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। रोशनी में बाधा बन रहे घने पेड़ों की छंटाई करने और अन्य संभावित सुरक्षा खतरों को दूर करने के लिए भी कहा गया है।
बैठक में कॉलेजों और छात्रावासों के आसपास पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई, जिसमें संवेदनशील जगहों पर विशेष निगरानी दलों की तैनाती शामिल है। बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने महिलाओं के लिए अतिरिक्त पिंक बूथ स्थापित करने और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए पहचानी जाने वाली वामिका पुलिस वैन के संचालन को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव रखा।
सुरक्षा उपायों के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय पुलिस के सहयोग से जेंडर संवेदीकरण कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण का भी आयोजन किया जाएगा। परिसरों में महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर 1091 और आपातकालीन नंबर 112 को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा के साथ-साथ इंजीनियरिंग विभाग के समन्वय से कैंपस की इमारतों, कॉलेजों और छात्रावासों की संरचनात्मक स्थिति का भी आकलन करने को कहा गया है। यदि किसी भवन में तत्काल मरम्मत की जरूरत है, तो उसकी रिपोर्ट भी विश्वविद्यालय को देनी होगी। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी कदमों का मुख्य मकसद छात्रों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना है।
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