सत्य निकेतन हादसे के बाद डीयू का कदम, कैंपस के आसपास पीजी की जांच के लिए बनाई आठ सदस्यीय कमेटी
साउथ कैंपस निदेशक की अध्यक्षता वाली यह समिति एक महीने में अपनी रिपोर्ट देगी, जिसमें छात्रों की सुरक्षा और पीजी की वैधानिक मंजूरियों की जांच होगी।

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने अपने परिसरों और संबद्ध कॉलेजों के आसपास मौजूद पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों की स्थिति की पड़ताल के लिए आठ सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह कदम सत्य निकेतन में 6 सितंबर को अवैध रूप से निर्मित पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने की घटना के बाद उठाया गया है। उस दर्दनाक हादसे में डीयू के छात्रों सहित सात लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पांच अन्य घायल हुए थे।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बुधवार को गठित इस समिति की अध्यक्षता साउथ कैंपस की निदेशक प्रोफेसर रजनी अब्बी को सौंपी गई है। डीयू प्रशासन ने समिति को अपनी जांच पूरी कर निष्कर्ष सौंपने के लिए एक महीने की समयसीमा तय की है। यह समिति मुख्य रूप से छात्रों के रहने की जगहों के सुरक्षा मानकों और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लेगी।
डीयू के कुलसचिव विकास गुप्ता द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह समिति विश्वविद्यालय और कॉलेजों के आसपास के क्षेत्रों में स्थित विभिन्न पीजी का दौरा करेगी। टीम वहां के बुनियादी ढांचे, उपलब्ध सुविधाओं और ढांचागत मजबूती का आकलन करेगी। इसके साथ ही यह भी परखा जाएगा कि इन निजी आवासों के पास संबंधित वैधानिक निकायों से जरूरी स्वीकृतियां और अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध हैं या नहीं।
समिति के सदस्य प्रोफेसर केपी सिंह ने बताया कि दिल्ली से बाहर के छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास तलाशना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि समिति छात्रों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और बजट को ध्यान में रखकर विकल्पों का विस्तृत मूल्यांकन करेगी। साथ ही, एक ऐसी प्रणाली विकसित करने पर भी काम किया जाएगा, जिससे छात्र आसानी से सुरक्षित और विश्वसनीय आवास पा सकें।
निजी पीजी की निगरानी के साथ ही विश्वविद्यालय अपने परिसरों में छात्रावास क्षमता बढ़ाने की प्रक्रिया में भी तेजी ला रहा है। योजना के तहत 5,544 नए बेड जोड़े जाने हैं, जिनमें 3,922 बेड विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में और 1,622 बेड संबद्ध कॉलेजों में तैयार किए जा रहे हैं। इन निर्माण कार्यों के पूरा होने के बाद विश्वविद्यालय और कॉलेजों में हॉस्टल की कुल क्षमता बढ़कर 12,754 बेड हो जाएगी।
डीयू के मुताबिक, ढाका कॉम्प्लेक्स में तीन प्रमुख आवासीय सुविधाओं का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इनमें 1,450 बेड वाला इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस हॉस्टल, 1,000 बेड का निर्भया महिला छात्रावास और 1,050 बेड का स्टूडियो अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स शामिल है। इससे पहले कुलपति योगेश सिंह ने भी सभी कॉलेज प्राचार्यों के साथ बैठक कर निर्माणाधीन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और अन्य आवासीय विकल्पों पर विचार करने के निर्देश दिए थे।
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