रोहतक में दिल्ली कूच से पहले किसान नेता नजरबंद, ट्रेड डील और स्मार्ट मीटर का कर रहे थे विरोध
दिल्ली के किसान घाट पर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे किसान नेताओं को रोहतक पुलिस ने सुबह ही उनके घरों में नजरबंद कर दिया।
हरियाणा के रोहतक में दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे प्रमुख किसान नेताओं को पुलिस ने उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब किसान नेता दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित एक प्रदर्शन में शामिल होने के लिए निकलने वाले थे। पुलिस ने सुबह ही उनके घरों पर पहुंचकर उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।
किसान-मजदूर संगठन हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष उमेद सिंह ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) गैर-राजनीतिक के आह्वान पर विभिन्न समस्याओं को लेकर दिल्ली के किसान घाट पर प्रदर्शन आयोजित किया गया है। इस प्रदर्शन में देश भर से किसानों का जमावड़ा होना था। उमेद सिंह का आरोप है कि पुलिस किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए जगह-जगह धरपकड़ कर रही है।
उमेद सिंह के अनुसार, रोहतक के घिलौड़ गांव स्थित उनके निवास पर पुलिस सुबह सवा आठ बजे ही पहुंच गई थी। उस समय वह दिल्ली रवाना होने की तैयारी कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी और शाम तक घर के अंदर ही रहने की हिदायत दी।
इसी तरह की कार्रवाई रोहतक के धामड़ गांव में भी की गई, जहां भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रणधीर सिंह को पुलिस ने नजरबंद किया। रणधीर सिंह ने बताया कि सभी किसान संगठन दिल्ली के किसान घाट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जा रहे थे। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई को सरकार की तानाशाही करार दिया है।
किसान नेताओं का कहना है कि वे अमेरिका और अन्य देशों के साथ हो रहे कृषि समझौतों (ट्रेड डील) का विरोध करने के लिए दिल्ली जा रहे थे। उनके अनुसार, ये व्यापारिक समझौते देश के किसानों और मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। इसके साथ ही वे गुरुग्राम और मेवात में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के फैसले का भी विरोध कर रहे हैं।
किसान नेताओं ने जंतर-मंतर पर पुलिस की कथित बर्बरता के खिलाफ भी अपना विरोध जताया है। उनका कहना है कि अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहे किसानों को रोकना पूरी तरह से अनुचित है। पुलिस ने फिलहाल किसान नेताओं को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी है।
लेखक

टिप्पणियाँ
3क्षेत्रीय असर पर थोड़ा और होता तो अच्छा था, पर कुल मिलाकर मज़बूत लेख।
संतुलित, अच्छी तरह प्रमाणित रिपोर्टिंग। इसीलिए मैं आज भी ख़बरों के लिए भुगतान करता हूँ।
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