फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी पर ग्रेटर नोएडा में पांच कोचिंग संस्थान सील
दो हफ्ते की समयसीमा बीतने के बाद भी अनिवार्य अग्निशमन उपकरण न लगाने पर प्राधिकरण और फायर विभाग ने यह कार्रवाई की है।

उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों पर चलाए जा रहे जांच अभियान के तहत ग्रेटर नोएडा में पांच कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, दो सप्ताह की समयसीमा दिए जाने के बावजूद इन संस्थानों में अनिवार्य फायर सेफ्टी उपकरण नहीं लगाए गए थे। गुरुवार को हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य शिक्षण संस्थानों में भी सुरक्षा मानकों की जांच तेज कर दी गई है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की एक संयुक्त टीम ने अल्फा कमर्शियल बेल्ट में स्थित 13 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इस जांच टीम में प्राधिकरण के वरिष्ठ व सहायक प्रबंधक, फायर सेफ्टी अधिकारी अजय कुमार और अन्य अधिकारी शामिल थे। पूर्व में किए गए निरीक्षण के दौरान दिए गए अल्टीमेटम का पालन न करने पर पांच संस्थानों को बंद करने के आदेश दिए गए।
अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ संस्थानों में अग्निशमन उपकरण लगाने का काम जारी था और वहां लगभग 80 से 90 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया था। ऐसे संस्थानों को काम पूरा करने के लिए दो से तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। वहीं, पहली बार जांचे गए संस्थानों को तय समयसीमा में व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए, जबकि कई सेंटर पहले से ही सभी मानकों का पालन करते पाए गए।
गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद राज्य सरकार के निर्देशानुसार यह अभियान चलाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ परिसर सील करने जैसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने सभी कोचिंग संचालकों को बिना किसी देरी के आवश्यक अग्नि सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने की सलाह दी है।
गौतम बुद्ध नगर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप चौबे ने बताया कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्राधिकरणों के पास अब नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को सील करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग की टीमें स्थानीय प्राधिकरणों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही हैं। इसके साथ ही विभाग के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि नोएडा में भी इसी तरह का जांच अभियान शुरू करने के लिए जल्द ही नोएडा प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
लेखक

टिप्पणियाँ
3आगे क्या होगा वाला हिस्सा वही है जिसे सब छोड़ेंगे और सबको पढ़ना चाहिए।
आख़िरकार, ऐसी कवरेज जो पाठक की समझ का सम्मान करती है। धन्यवाद।
क्षेत्रीय असर पर थोड़ा और होता तो अच्छा था, पर कुल मिलाकर मज़बूत लेख।