गाजियाबाद में जन्मदिन की पार्टी के बाद दो बेटों ने माता-पिता की हथौड़े से कूचकर की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
गाजियाबाद के भीमनगर में शराब के नशे में धुत दो भाइयों ने डांटने पर अपने ही माता-पिता को पीट-पीटकर मार डाला।

गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दो बेटों ने अपने ही माता-पिता की पीट-पीटकर और हथौड़े से सिर कूचकर हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपी बेटों को हिरासत में ले लिया है। यह वारदात सोमवार देर रात भीमनगर इलाके में हुई, जब जन्मदिन मनाकर लौटे बेटों को माता-पिता ने डांट दिया था।
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान 55 वर्षीय गंगाशरण और उनकी 50 वर्षीय पत्नी विमलेश के रूप में हुई है। गंगाशरण मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले थे और पिछले 20 वर्षों से गाजियाबाद के भीमनगर में अपने दो मंजिला मकान में रह रहे थे। वे यहां डेयरी चलाकर अपने परिवार का गुजारा करते थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपी बेटे ललित ने बताया कि वह अपने छोटे भाई दीपक के साथ शराब पीने बाहर गया था, जहां पैसों को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। देर रात घर लौटने पर भी दोनों आपस में झगड़ते रहे। शोर सुनकर जब मां-बाप ने उन्हें डांटा, तो नशे में धुत दोनों बेटों ने उन्हें धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
आरोपियों ने माता-पिता को लात-घूसों से अधमरा करने के बाद हथौड़े से उनके सिर पर वार किए। घर की पहली मंजिल पर रहने वाले किराएदार जगबीर ने नीचे से आ रही चीख-पुकार और झगड़े की आवाजें सुनकर तुरंत डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई, जिससे आरोपियों को भागने का मौका नहीं मिला।
पुलिस ने दोनों लहूलुहान बुजुर्गों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों के साले लेखराज ने बताया कि सोमवार को बड़े बेटे ललित का जन्मदिन था, जिसके लिए दिन में घर पर कीर्तन भी आयोजित किया गया था। उन्होंने बताया कि दोनों बेटे शराब के आदी थे और कोई काम-धंधा नहीं करते थे, जिससे उनके माता-पिता अक्सर परेशान रहते थे।
डीसीपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। पुलिस दोनों के बयानों को क्रॉसचेक कर रही है ताकि विवाद की असली वजह और घटनाक्रम का पूरी तरह से पता लगाया जा सके।
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टिप्पणियाँ
4क्षेत्रीय असर पर थोड़ा और होता तो अच्छा था, पर कुल मिलाकर मज़बूत लेख।
संतुलित, अच्छी तरह प्रमाणित रिपोर्टिंग। इसीलिए मैं आज भी ख़बरों के लिए भुगतान करता हूँ।
इसे अपने परिवार के समूह में साझा किया। द्विभाषी टॉगल सचमुच उपयोगी है।
आगे क्या होगा वाला हिस्सा वही है जिसे सब छोड़ेंगे और सबको पढ़ना चाहिए।