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ग्रेटर नोएडा: ला रेजिडेंशिया सोसाइटी से वन विभाग ने सात उल्लुओं को किया रेस्क्यू, लोगों को मिली राहत

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक रिहायशी सोसाइटी में उल्लुओं के हमलों में छह लोगों के घायल होने के बाद वन विभाग ने यह कार्रवाई की।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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17 सितंबर 2026 · 8:55 am2.1 हज़ार व्यूज़
ग्रेटर नोएडा: ला रेजिडेंशिया सोसाइटी से वन विभाग ने सात उल्लुओं को किया रेस्क्यू, लोगों को मिली राहत
ग्रेटर नोएडा: ला रेजिडेंशिया सोसाइटी से वन विभाग ने सात उल्लुओं को किया रेस्क्यू, लोगों को मिली राहत — Hindustan Times

ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ला रेजिडेंशिया सोसाइटी में वन विभाग की टीम ने सोमवार को सात उल्लुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। पिछले चार दिनों के दौरान इन पक्षियों द्वारा परिसर में टहल रहे छह लोगों पर झपट्टा मारकर उन्हें घायल करने की घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद से सोसाइटी के निवासियों में डर का माहौल था।

वन अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए सभी उल्लुओं को फिलहाल निगरानी में रखा गया है और बाद में उन्हें किसी वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) रजनीकांत के अनुसार, लोगों के घायल होने की जानकारी मिलने के बाद इलाके का सर्वे कराया गया था। इसके साथ ही पक्षी विशेषज्ञों के साथ मिलकर पूरी स्थिति की समीक्षा की गई थी।

डीएफओ ने बताया कि जब हालात में सुधार नहीं हुआ, तब पक्षियों को वहां से रेस्क्यू करने का निर्णय लिया गया। स्थानीय निवासियों का कहना था कि उल्लू शाम और रात के समय परिसर में घूम रहे लोगों पर अचानक नीचे आकर हमला कर रहे थे, जिसके चलते कई लोग चोटिल हो गए।

वन विभाग ने शुरुआत में तुरंत रेस्क्यू करने से परहेज किया था। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले सप्ताह विशेषज्ञों के साथ गई टीम को निरीक्षण के दौरान केवल एक ही उल्लू नजर आया था। विशेषज्ञों का मानना था कि यदि केवल एक पक्षी को हटाया गया और बाकी वहीं रह गए, तो वे अपने बच्चों या घोंसले की सुरक्षा के लिए और अधिक आक्रामक रुख अपना सकते हैं।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि निवासियों ने उल्लुओं को पेड़ों और स्ट्रीटलाइट्स जैसी अलग-अलग जगहों पर देखा था, जिससे किसी एक निश्चित ठिकाने की पहचान करना मुश्किल हो रहा था। गहन निगरानी के बाद विभाग ने आखिरकार सभी सातों पक्षियों को रेस्क्यू करने में सफलता पाई।

उल्लुओं के पकड़े जाने के बाद सोसाइटी के निवासियों ने राहत की सांस ली है। टावर 1 के निवासी सुमिल जलोटा ने बताया कि अब लोग बिना किसी डर के अपनी शाम और देर रात की वॉक फिर से शुरू कर सकेंगे। उन्होंने इस अभियान के लिए वन अधिकारियों और वन्यजीव स्वयंसेवकों की सराहना की।

इनसे संबंधितdelhi-ncrgreater-noidaGreater NoidaForest DepartmentOwl RescueLa Residentia
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