गुरुग्राम में राव इंद्रजीत के बयान पर भड़का पंजाबी समाज, आपात बैठक में दी सियासी सबक सिखाने की चेतावनी
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर केंद्रीय मंत्री के बयान से नाराज पंजाबी समुदाय ने न्यू कॉलोनी स्थित गीता भवन में बुलाई आपात बैठक।

गुरुग्राम में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत सिंह द्वारा पंजाबी समुदाय को लेकर की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बयान के विरोध में रविवार देर शाम न्यू कॉलोनी स्थित गीता भवन में पंजाबी समाज के प्रतिनिधियों की एक आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में समाज के प्रमुख लोगों ने केंद्रीय मंत्री के रवैये पर कड़ा एतराज जताया।
सनातन धर्म मंदिर के चेयरमैन सुरेंद्र खुल्लर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राव इंद्रजीत के बयान की निंदा की गई। सुरेंद्र खुल्लर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जिस मुकाम पर हैं, उसमें पंजाबी समाज के मतों का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के वक्त वोट मांगने के बाद अब इस तरह की बयानबाजी से समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है।
खुल्लर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि पंजाबी समाज ने अपना समर्थन वापस ले लिया, तो इस क्षेत्र से किसी के लिए भी सांसद या विधायक बनना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस एक सरकारी कार्यक्रम था, जहां शहीदों को नमन करने के बजाय राजनीतिक नाराजगी जाहिर की गई।
गौरतलब है कि 14 अगस्त के कार्यक्रम में राव इंद्रजीत सिंह ने व्यक्तिगत निमंत्रण न मिलने पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने मंच से कहा था कि केवल पंजाबी नाम के आधार पर चुनाव लड़ने से वोट नहीं मिलते और कार्यक्रम के आयोजक उन्हें अपना नहीं समझते हैं।
बैठक में सनातन धर्म मंदिर के पूर्व सचिव अरविंद गुप्ता ने कहा कि छह बार के सांसद को सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। वहीं समाज के प्रतिनिधि अरविंद उर्फ बंटू ने कहा कि मतदाताओं ने हमेशा दल और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी है, लेकिन बदले में समाज को अपमानित किया जा रहा है।
बैठक में मौजूद पूर्व सैनिक गौतम शर्मा ने कहा कि यह विवाद केवल व्यक्तिगत नाराजगी और अहंकार का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकारी आयोजन में प्रोटोकॉल के तहत मिले निमंत्रण के बावजूद व्यक्तिगत न्योता न मिलने को मुद्दा बनाना पूरी तरह अनुचित था।
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