गुरुग्राम में अनुसूचित जाति अध्यापक संघ ने उठाई पदोन्नति में 20 प्रतिशत आरक्षण की मांग, सीएम को भेजा ज्ञापन
गुरुग्राम के सोहना में शिक्षकों ने तहसीलदार के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर पुरानी पेंशन बहाली और छात्रवृत्ति जारी करने की भी मांग की।

हरियाणा अनुसूचित जाति राज्य अध्यापक संघ ने गुरुग्राम के सोहना में पदोन्नति में आरक्षण सहित विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। संगठन से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों ने शुक्रवार देर शाम एकत्रित होकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और सरकार से समाधान की अपील की।
संघ के प्रधान सतपाल ने कहा कि उनका संगठन साल 2006 से सामाजिक न्याय और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के शिक्षकों और कर्मचारियों को नियमों के तहत उनका उचित संवैधानिक प्रतिनिधित्व मिलना बेहद जरूरी है।
ज्ञापन में मुख्य रूप से प्रथम और द्वितीय श्रेणी के पदों पर पदोन्नति में 20 प्रतिशत आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की गई है। इसके साथ ही तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों की पदोन्नति में भी 20 प्रतिशत आरक्षण देने और रोस्टर रजिस्टर में तय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
शिक्षकों ने एसीपी में 50 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता और फिटनेस से जुड़ी पदोन्नति की शर्तों को समाप्त करने की मांग भी रखी। संघ की ओर से प्राथमिक विद्यालयों में मुख्य शिक्षक (हेड टीचर) का पद बिना शर्त बहाल करने और पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की बात कही गई।
इसके अलावा अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों की लंबे समय से रुकी छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि का जल्द भुगतान करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, नियमित रोजगार के लिए मौजूदा भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करने और कार्यस्थलों पर जातीय भेदभाव व उत्पीड़न रोकने पर जोर दिया गया।
इस मौके पर संघ के मास्टर रोहतास, जिला सचिव राकेश रंग और प्रचार सचिव संजय कुमार सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने सरकार से शिक्षकों की समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित निर्णय लेने का आग्रह किया।
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