दिल्ली कूच को लेकर हरियाणा के बॉर्डर सील, सिंघु बॉर्डर पर लगा लंबा जाम; अंबाला में धारा 163 लागू
कॉकरोच जनता पार्टी और किसान संगठनों के प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली-हरियाणा सीमाओं पर सुरक्षा सख्त की गई है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) समर्थकों और किसान संगठनों के दिल्ली कूच को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी है। पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से लगती सीमाओं को सील कर दिया गया है। इस प्रदर्शन के कारण राज्य के करीब 12 जिलों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त है और कई किसान नेताओं व सीजेपी समर्थकों को नजरबंद या हिरासत में लिया गया है।
सीजेपी जहां संसद का घेराव करने की तैयारी में है, वहीं किसान संगठनों ने अमेरिका और भारत के बीच होने वाली फ्री ट्रेड डील के विरोध में देशव्यापी महापंचायत का आह्वान किया है। इसी के मद्देनजर हरियाणा पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर हैं। रोहतक, सोनीपत, अंबाला, कुरुक्षेत्र, झज्जर, पानीपत और करनाल सहित प्रदेश के कई जिलों में इस आंदोलन का सीधा असर देखने को मिल रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अंबाला के शंभू बॉर्डर पर धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत एक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन के आदेश के अनुसार, शंभू बॉर्डर पर यह प्रतिबंधात्मक आदेश आगामी 27 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा।
दिल्ली से सटे सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा जांच के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। यहां करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है, जिससे आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा पुलिस ने कुंडली थाने के सामने बॉर्डर पर वज्र वाहन तैनात किए हैं और हर वाहन की सघन चेकिंग के बाद ही उसे आगे जाने दिया जा रहा है।
पंजाब से दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों को रोकने के लिए शंभू और खनौरी बॉर्डर को भी सील कर दिया गया है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए हरियाणा पुलिस ने कई मार्गों पर रूट डायवर्ट किए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को बिगड़ने से रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस बीच, महेंद्रगढ़ जिले से भी एक प्रशासनिक कार्रवाई की खबर आई है। वहां एक सरकारी स्कूल के प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया है, क्योंकि स्कूल की छात्राओं ने वांगचुक के समर्थन में नारेबाजी की थी। हालांकि, इस मामले की जांच के बाद स्कूल के अन्य स्टाफ को क्लीन-चिट दे दी गई है।
लेखक

टिप्पणियाँ
2आगे क्या होगा वाला हिस्सा वही है जिसे सब छोड़ेंगे और सबको पढ़ना चाहिए।
आख़िरकार, ऐसी कवरेज जो पाठक की समझ का सम्मान करती है। धन्यवाद।