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मुजफ्फरनगर में नोटिस के बाद मदरसे की अवैध इमारत पर खुद बुलडोजर चलाने लगी प्रबंधन कमेटी

मुजफ्फरनगर के फुलत गांव में कब्रिस्तान की जमीन पर बने 1200 वर्गमीटर निर्माण को हटाने का प्रशासन ने दिया था अल्टीमेटम।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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24 अगस्त 2026 · 8:11 am3.6 हज़ार व्यूज़
मुजफ्फरनगर में नोटिस के बाद मदरसे की अवैध इमारत पर खुद बुलडोजर चलाने लगी प्रबंधन कमेटी
मुजफ्फरनगर में नोटिस के बाद मदरसे की अवैध इमारत पर खुद बुलडोजर चलाने लगी प्रबंधन कमेटीDainik Bhaskar

मुजफ्फरनगर जिले के फुलत गांव में स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसा प्रबंधन ने रविवार को खुद ही बुलडोजर मंगवाकर अवैध निर्माण ढहाना शुरू कर दिया। प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए दिए गए नोटिस के बाद कमेटी ने यह कदम उठाया है। 1200 वर्गमीटर भूमि पर बने इस परिसर में से अब तक 300 वर्गमीटर में बने दो हॉल को गिरा दिया गया है, जबकि 900 वर्गमीटर क्षेत्र में बने आठ कमरों को ढहाने का काम बाकी है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह मदरसा ग्राम समाज और कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था। इस मामले में खतौली के तहसीलदार (न्यायिक) अरविंद कुमार कुठार ने मदरसा संचालक हिफजुर्रहमान अंसारी को नोटिस जारी किया था। नोटिस में साफ चेतावनी दी गई थी कि यदि जमीन से अवैध कब्जा खुद नहीं हटाया गया, तो प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा और उसका हर्जाना भी प्रबंधन से वसूला जाएगा।

राजस्व अदालत में यह विवाद काफी समय से लंबित था। 22 मई को खतौली तहसीलदार की अदालत ने इस निर्माण को अवैध करार देते हुए मदरसा संचालक पर 30 हजार रुपये का जुर्माना और पांच हजार रुपये का कानूनी खर्च लगाया था। इसके खिलाफ संचालक ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) की अदालत में अपील की थी, जहां अदालत ने दो दिन के भीतर जमीन से अवैध निर्माण खुद हटाने का निर्देश दिया।

मदरसा कमेटी का कहना है कि यह मदरसा करीब 50 साल पुराना है। वहीं फुलत गांव के प्रधान वसीम अहमद ने बताया कि यह भूमि कब्रिस्तान के रूप में दर्ज थी और इसे लेकर विवाद चल रहा था। प्रशासनिक नोटिस मिलने के बाद कमेटी ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए खुद ही निर्माण कार्य को हटाना शुरू कर दिया।

इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं में रतनपुरी थाने में जुलाई के पहले हफ्ते में एक शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। इसमें ग्राम समाज की जमीन पर मदरसे के अवैध निर्माण के साथ ही अवैध धर्मांतरण से जुड़े आरोप भी लगाए गए थे। पुलिस ने मौलाना हिफजुर्रहमान, जुबैर अंसारी और जुनैद अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसके बाद 15 जुलाई को जुनैद अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

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