अस्पताल के मलबे से निकाले जाने के बाद मुजतबा खामेनेई को चुना गया सुप्रीम लीडर: रिपोर्ट
अमेरिकी हमले के बाद मलबे से सुरक्षित निकाले गए मुजतबा खामेनेई को एक गुप्त कमरे में मतदान के जरिए ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया था।
अमेरिकी अखबार 'न्यूयॉर्क पोस्ट' की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को अमेरिकी हमले के बाद तेहरान के एक अस्पताल के मलबे से निकाला गया था। ईरानी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य मोहसेन हैदरी के हवाले से प्रकाशित इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुजतबा को खुद भी अपने चयन की पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्हें देश का शीर्ष नेता बनने की खबर सरकारी टीवी पर घोषणा होने के बाद मिली।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुजतबा खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के शुरुआती हमले में घायल हो गए थे। इलाज के लिए उन्हें तेहरान के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बाद में उस अस्पताल पर भी हवाई हमला कर दिया गया। बमबारी के बाद उन्हें मलबे से निकालकर किसी गुप्त स्थान पर पहुंचाया गया। इसके बाद से वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, हालांकि 8 अगस्त के एक वीडियो में उन्हें लोगों से बातचीत करते देखा गया था।
नए सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया भी बेहद गोपनीय और विपरीत परिस्थितियों में आयोजित की गई। रिपोर्ट के अनुसार, हमलों के दौरान कोम स्थित असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सचिवालय को भी निशाना बनाया गया था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई और चयन संबंधी आधिकारिक दस्तावेज नष्ट हो गए। इसके बाद असेंबली के सदस्यों ने एक गुप्त कमरे में एकत्र होकर कागज पर लिखकर मतदान की औपचारिकता पूरी की।
मोहसेन हैदरी ने बताया कि मुजतबा के सुरक्षित होने की पुष्टि मिलने के बाद उन्होंने ही सबसे पहले उनके नाम की सिफारिश की थी। कुल 59 सदस्यों में से 50 ने मुजतबा के पक्ष में वोट दिया, जबकि अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को आठ मत मिले और एक सदस्य ने मतदान में भाग नहीं लिया। हैदरी के अनुसार, मुजतबा हमेशा पर्दे के पीछे रहकर काम करते रहे हैं, लेकिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और देश के सुरक्षा तंत्र में उनका गहरा प्रभाव माना जाता है।
मुजतबा के स्वास्थ्य को लेकर भी परस्पर विरोधी दावे सामने आए हैं। अमेरिकी खुफिया आकलन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों में कहा गया था कि हमलों में उनके चेहरे तथा शरीर के बाएं हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं दूसरी तरफ, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने इन दावों को खारिज करते हुए फॉक्स न्यूज को बताया कि मुजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं और पिछले महीने उनके साथ करीब सात घंटे लंबी बैठक भी हुई थी।
ईरान की शासन व्यवस्था में सुप्रीम लीडर का पद सबसे ताकतवर होता है, जिसके पास सेना, न्यायपालिका और देश की सभी प्रमुख नीतियों पर अंतिम फैसला लेने का अधिकार होता है। देश के राष्ट्रपति प्रशासनिक कार्य, अर्थव्यवस्था और बजट का जिम्मा संभालते हैं, लेकिन उन्हें भी सुप्रीम लीडर द्वारा तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही काम करना होता है।
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