अलवर में मानसून की सक्रियता से बदला मौसम, भारी बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी
दिल्ली-एनसीआर के अलवर जिले में मानसून की वापसी से तापमान में गिरावट आई है और मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी जारी की है।

दिल्ली-एनसीआर के अलवर जिले में मानसून के एक बार फिर सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया है। सोमवार से शुरू हुई बारिश के कारण स्थानीय लोगों को पिछले कई दिनों से जारी उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मंगलवार सुबह से ही अलवर शहर और उसके आसपास के इलाकों में घने बादल छाए हुए हैं और कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी का दौर जारी है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को जिले में सबसे अधिक 44 मिलीमीटर बारिश कठूमर क्षेत्र में दर्ज की गई। इसके अलावा राजगढ़ में 28 मिलीमीटर, लक्ष्मणगढ़ में 17 मिलीमीटर और रामगढ़ में 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं गोविंदगढ़ में 6 मिलीमीटर, जबकि अलवर शहर और सिलीसेढ़ में 5-5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
जिले के अन्य हिस्सों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई, जिसमें जयसमंद में 4 मिलीमीटर, थानागाजी में 2 मिलीमीटर तथा मालाखेड़ा और टहला में 1-1 मिलीमीटर बारिश शामिल है। सोमवार देर रात भी जिले के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही, जिससे रात के तापमान में गिरावट आई और मंगलवार सुबह लोगों को ठंडक का अहसास हुआ।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मंगलवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश भी हो सकती है। विभाग ने अनुमान जताया है कि मंगलवार को अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इसके साथ ही आगामी 22 से 26 जुलाई तक जिले में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने 22 से 26 जुलाई की अवधि के लिए जिले में येलो अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक गिरावट आने की उम्मीद है। विभाग का अनुमान है कि 24 और 25 जुलाई को अधिकतम तापमान गिरकर 28 से 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने आम लोगों के लिए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। इसके साथ ही आकाशीय बिजली कड़कने के समय पेड़ों के नीचे खड़े न होने और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की गई है।
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