पंजाब चुनाव: 'आप' आज जारी कर सकती है उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, जानें केजरीवाल के घर होने वाली PAC बैठक की सबसे बड़ी रणनीति!
"केजरीवाल के आवास पर होने वाली PAC बैठक के बाद पंजाब चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जल्द हो सकती है जारी। मजबूत सर्वे और गुटबाजी से दूर रहने वाले चेहरों पर दांव लगाकर 'आप' ने बनाई खास चुनावी रणनीति।"

-राजेंद्र स्वामी, दिल्ली दर्पण ब्यूरो
चंडीगढ़/नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर पूरी तरह से आक्रामक मोड में आ गई है। पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के आवास पर होने वाली पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की महत्वपूर्ण बैठक के तुरंत बाद पार्टी अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकती है। इस कदम के साथ ही आम आदमी पार्टी टिकटों की घोषणा की दौड़ में अन्य राजनीतिक दलों से काफी आगे निकल जाएगी। उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी ने इस बार पूरी तरह से ‘डेटा-ड्रिवन’ अप्रोच अपनाई है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने चुनाव से पहले बेहद गहन सर्वे कराया है। टिकट वितरण का मुख्य आधार संबंधित नेता की जीत की संभावना, जनता के बीच उसकी स्वीकार्यता और यह देखा जाना है कि उस क्षेत्र में टिकट को लेकर बहुत ज्यादा गुटबाजी न हो। जिन-जिन नामों पर पार्टी के भीतर सबकी आम सहमति बन चुकी है, PAC की बैठक के तुरंत बाद उनकी घोषणा कर दी जाएगी।
इस शुरुआती घोषणा के पीछे 'आप' की एक सोची-समझी और बेहद मजबूत राजनीतिक रणनीति काम कर रही है। पार्टी को लगता है कि समय से पहले टिकट मिलने से प्रत्याशी को अपने निर्वाचन क्षेत्र में घर-घर प्रचार, जनसंपर्क और चुनावी रणनीतियों को अमली जामा पहनाने के लिए भरपूर समय मिल जाएगा।
इसके अलावा, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आखिरी समय में टिकट घोषणा होने पर बागियों और असंतुष्टों से बड़ी चुनौती मिल सकती है, जिससे निपटने का मौका नहीं मिलता। लेकिन अभी टिकट घोषित होने से यदि कोई बगावत होती भी है, तो पार्टी और प्रत्याशी के पास डैमेज कंट्रोल करने के लिए पर्याप्त समय होगा। पार्टी का यह भी साफ रुख है कि जिन नेताओं को नाराज होना है या पार्टी बदलकर जाना है, उसकी परवाह करने के मूड में पार्टी फिलहाल बिल्कुल नहीं है। पंजाब का यह चुनाव आम आदमी पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण और साख का सवाल है, यही वजह है कि पार्टी बेहद सावधानी और समझदारी से हर कदम उठा रही है। समय से पहले मजबूत चेहरों को मैदान में उतारकर 'आप' एक तरफ जहां विपक्ष को मनोवैज्ञानिक दबाव देना चाहती है, वहीं दूसरी ओर कार्यकर्ताओं में जोश भरकर चुनावी तैयारियों को पुख्ता करना चाहती है। अब निगाहें PAC की इस बैठक और आने वाली पहली सूची पर टिकी हैं।
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