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पानीपत के नौल्था में मिट्टी के ओवरब्रिज का विरोध तेज, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

पानीपत-रोहतक नेशनल हाईवे पर मिट्टी के बजाय पिलर आधारित पुल बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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20 जुलाई 2026 · 9:07 am3 हज़ार व्यूज़
पानीपत के नौल्था में मिट्टी के ओवरब्रिज का विरोध तेज, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
पानीपत के नौल्था में मिट्टी के ओवरब्रिज का विरोध तेज, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन — Dainik Bhaskar

पानीपत-रोहतक नेशनल हाईवे पर स्थित नौल्था गांव में प्रस्तावित मिट्टी के ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों ने इस परियोजना के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सोमवार को प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दी। वे मिट्टी के ओवरब्रिज के स्थान पर पिलर आधारित पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं।

इस संबंध में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त से मिलने पानीपत पहुंचा था। हालांकि, उपायुक्त के बैठक में व्यस्त होने के कारण ग्रामीणों ने पानीपत के एसडीएम मनदीप सिंह को अपना ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने ग्रामीणों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि उनके ज्ञापन को समाधान के लिए केंद्रीय स्तर पर भेजा जाएगा।

ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे संत सोमवार नाथ ने बताया कि गांव में मिट्टी का पुल बनने से स्थानीय व्यापार और यातायात पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनके अनुसार, क्षेत्र में लगभग 150 औद्योगिक इकाइयां हैं, जहां भारी वाहनों का लगातार आना-जाना लगा रहता है। मिट्टी का पुल बनने से इन वाहनों के आवागमन में बड़ी बाधा उत्पन्न होगी।

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस निर्माण कार्य से क्षेत्र के करीब 125 दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट मंडराने लगेगा। ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित प्रशासन से इस परियोजना पर दोबारा विचार करने और जनहित में पिलर वाले पुल के निर्माण को मंजूरी देने का आग्रह किया है।

भौगोलिक महत्व को रेखांकित करते हुए ग्रामीणों ने बताया कि यह स्थान कई महत्वपूर्ण मार्गों का मुख्य जंक्शन है। यहां से पीलूखेड़ी होकर जींद, पुगथला होकर गन्नौर और समालखा से जींद के लिए मार्ग निकलते हैं। ऐसे में भारी यातायात को सुचारू रखने के लिए पिलर आधारित पुल बेहद जरूरी है।

इस मौके पर पूर्व सरपंच अजमेर सिंह, किसान यूनियन के प्रवक्ता मनोज जागलान, किसान यूनियन एकता सिद्धपुर के जिला अध्यक्ष शमशेर पूनिया, विजेंद्र सिंह उर्फ लाला, समाजसेवी खिलार सिंह जागलान और धर्मवीर नरवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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