दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर रोहतक में अलर्ट, कई नेता हाउस अरेस्ट
राजधानी दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर रोहतक प्रशासन ने धारा 163 लागू कर कई किसान नेताओं को नजरबंद किया है।

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रोहतक जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने जिला परिषद सदस्य जयदेव डागर और किसान नेत्री मोनिका नैन को उनके घरों में नजरबंद कर दिया है।
प्रशासन की इस सख्ती के बीच खुफिया विभाग (सीआईडी) की टीमें भी सक्रिय हो गई हैं। सीआईडी के अधिकारियों ने जिले के विभिन्न किसान नेताओं और जिला परिषद सदस्यों के आवासों पर पहुंचकर निगरानी बढ़ा दी है, ताकि कोई दिल्ली की ओर न जा सके।
जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, जिले में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन और सीजेपी के कार्यक्रम में जाने की कोई अनुमति नहीं दी गई है।
उधर, दिल्ली पुलिस ने भी कॉकरोच जनता पार्टी के इस प्रदर्शन को पूरी तरह अवैध करार दिया है। पुलिस ने चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि राजधानी में अनधिकृत रूप से प्रदर्शन में हिस्सा लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शनों को लेकर पहले भी इन नेताओं पर प्रशासनिक कार्रवाई हो चुकी है। जयदेव डागर को 4 जून को प्रदर्शन में जाने के दौरान सांपला में साथियों सहित पकड़ा गया था, जबकि 26 जुलाई को संसद कूच से पहले उन्हें जिला विकास भवन से डिटेन किया गया था।
इसी तरह पूर्व में संसद कूच के समय किसान नेत्री मोनिका नैन, किसान नेता रणधीर सिंह और उमेद सिंह को भी नजरबंद किया गया था। उस दौरान पुलिस सुबह ही किसान नेताओं के घरों पर पहुंच गई थी और पूरे दिन की निगरानी के बाद शाम को वहां से हटी थी।
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