सत्य निकेतन हादसा: पांच मंजिला इमारत का मालिक भिवाड़ी से गिरफ्तार, एमसीडी के पांच अधिकारी निलंबित
सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने के बाद पुलिस ने आरोपी मालिक को पकड़ा, मुख्यमंत्री ने दिल्ली भर में अवैध पांचवीं मंजिल वाली इमारतों को सील करने का दिया आदेश।

राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित मालिक हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही दिल्ली नगर निगम ने लापरवाही बरतने के आरोप में साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। रविवार को हुए इस भीषण हादसे के बाद मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रात भर राहत और बचाव अभियान चलाया गया।
इस दुखद घटना में छात्रों की मौत की पुष्टि हुई है। एम्स ट्रॉमा सेंटर से मिली जानकारी के मुताबिक अस्पताल में कुल दस लोगों को लाया गया था, जिनमें से पांच की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी और एक गंभीर घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में हताहत हुए अन्य तीन लोगों का अस्पताल में उपचार जारी है, जबकि एक घायल को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर इमारत के मालिक की गिरफ्तारी और प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि पूरी दिल्ली में बिना मंजूरी के बनाई गई पांचवीं मंजिल वाली सभी इमारतों को तत्काल सील किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि आसपास के पीजी और इमारतों की बारीकी से जांच के आदेश दिए गए हैं तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
नगर निगम द्वारा निलंबित किए गए अधिकारियों में साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार शामिल हैं। इस प्रशासनिक कदम पर दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि निलंबन का फैसला बेहद सोच-समझकर लिया गया है और प्रशासन पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रहा है।
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अधिकारियों पर की गई इस कार्रवाई को प्रशासन का अब तक का सबसे सख्त कदम बताया। वहीं भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा कि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता घायल छात्रों को बेहतर इलाज मुहैया कराना है और विधायक दल ने बिना अनुमति पांचवीं मंजिल वाले पीजी भवनों पर सख्त संज्ञान लेने का निर्णय लिया है।
दूसरी तरफ, इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई बड़े नेताओं की संपत्तियां हैं और मुख्यमंत्री को इन पीजी मालिकों के नाम सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि केंद्र सरकार यहां छात्रों के लिए हॉस्टल बनाए और तब तक छात्रों की फीस का वहन सरकार करे, साथ ही घटना के समय शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अनुपस्थिति पर भी सवाल खड़े किए।
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