सोनीपत: वृद्धाश्रम में बुजुर्ग व्यापारी के निधन के बाद बेटियां नहीं आईं, भाई ने हरिद्वार में किया अस्थि विसर्जन
सोनीपत के वृद्धाश्रम में मृत पूर्व व्यापारी की बेटियों के न पहुंचने पर अहमदाबाद से आए भाई-भतीजे ने हरिद्वार में अस्थियों का विसर्जन किया।

सोनीपत के एक वृद्धाश्रम में दम तोड़ने वाले 74 वर्षीय पूर्व कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता का अंतिम संस्कार वीडियो कॉल पर देखने के बाद उनकी तीनों बेटियां अस्थि विसर्जन के लिए भी नहीं पहुंचीं। आखिरकार अहमदाबाद से सोनीपत पहुंचे मृतक के भाई और भतीजे ने आश्रम संचालक के साथ मिलकर हरिद्वार में उनकी अस्थियां गंगा में प्रवाहित कीं।
अहमदाबाद निवासी मृतक के भाई महेंद्र ने बताया कि 10 साल पहले नेपाल में आए भूकंप के बाद परिवार को लगा था कि शिवचरण की मौत हो चुकी है। हाल ही में सोशल मीडिया पर आई खबर के जरिए परिजनों को पता चला कि शिवचरण जीवित थे और सोनीपत के वृद्धाश्रम में रह रहे थे।
परिजनों के अनुसार, शिवचरण का मुंबई और नेपाल में कपड़ों का अच्छा कारोबार था, लेकिन बाद में उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा। लगभग तीन साल पहले वे अपनी पत्नी के साथ सोनीपत आए थे, जहां दो साल पहले पत्नी के निधन के बाद वे वेस्ट रामनगर स्थित एक अन्य आश्रम में चले गए थे।
बीती 4 अगस्त को शिवचरण के निधन पर समाज कल्याण शिक्षा समिति आश्रम के संचालक आनंद कुमार ने उनकी तीनों बेटियों को फोन कर सूचना दी थी। इस पर बेटियों ने तुरंत आने में असमर्थता जताई और छोटी बेटी प्रिया ने अंतिम संस्कार के लिए 5,100 रुपये भेजकर फोन पर ही पूरी प्रक्रिया दिखाने का अनुरोध किया था।
भाई महेंद्र ने बताया कि भतीजी प्रिया ने सोनीपत आने पर किसी अनहोनी का डर जताया था, जिसके कारण बेटियां अस्थि विसर्जन में शामिल नहीं हो पाईं। हालांकि, परिजनों के अनुसार बातचीत में प्रिया ने कहा था कि परिवार की ओर से तेरहवीं और हवन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मामले में सामाजिक संगठन रक्षक सेना भारत के प्रमुख मनजीत तिहाड़ा ने कहा कि यदि बेटियां सोनीपत में होने वाली श्रद्धांजलि सभा में पहुंचती हैं तो उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन और उनकी संस्था के कार्यकर्ता बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाएंगे।
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